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भारत


इंडिया का नाम भारत करने संबंधी याचिका पर दो जून को सुनवाई

इंडिया का नाम भारत करने संबंधी याचिका पर दो जून को सुनवाई

नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता) देश का अंग्रेजी नाम ‘इंडिया’ को बदलकर ‘भारत’ या ‘हिन्दुस्तान’ करने संबंधी एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय दो जून को विचार करेगा।

नमाह नामक याचिकाकर्ता की यह याचिका की सुनवाई शुक्रवार को नहीं हो सकी, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे आज उपलब्ध नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इस बाबत नोटिस अपलोड किया गया था, जिसमें कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश की अनुपलब्धता के कारण याचिका पर आज सुनवाई नहीं होगी, बल्कि इस पर दो जून को विचार किया जायेगा।

न्यायमूर्ति बोबडे की अनुपलब्धता के कारण न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने अन्य मामलों की सुनवाई की।

याचिकाकर्ता ने ‘इंडिया’ शब्द को औपनिवेशिक और गुलामी का प्रतीक बताते हुए संविधान के अनुच्छेद एक में संशोधन का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिकाकर्ता ने यह याचिका वकील राजकिशोर चौधरी के माध्यम से दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि इंडिया की जगह भारत नामकरण से देश में एक राष्ट्रीय भावना पैदा होगा। याचिककर्ता ने अपनी याचिका में 15 नवंबर, 1948 को हुए संविधान के मसौदे का भी उल्लेख किया हैं, जिसमें संविधान के प्रारूप एक के अनुच्छेद एक पर बहस करते हुए एम अनंतशयनम अय्यंगर और सेठ गोविन्द दास ने ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत, भारतवर्ष, हिंदुस्तान’ नामों को अपनाने की वकालत की थी।

सुरेश

वार्ता

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