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एनसीसी प्रशिक्षण केन्द्र स्थानांतरण मामले में केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांगा जवाब

एनसीसी प्रशिक्षण केन्द्र स्थानांतरण मामले में केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल, 18 सितम्बर (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देवप्रयाग में स्थापित होने वाले राष्ट्रीय कैडिट कोर (एनसीसी) के प्रशिक्षण केन्द्र को पौड़ी स्थानांतरित करने के मामले की सुनवाई करते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिये हैं।

इस मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को भी व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया गया है। उन्हें भी जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

यह जानकारी अधिवक्ता एम.सी. पंत ने दी। इस मामले को टिहरी निवासी गबर सिंह बंगारी ने जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि पिछली सरकार ने एनसीसी का प्रक्षिक्षण केन्द्र देवप्रयाग के स्थापित करने की घोषणा की थी।

श्री पंत ने बताया कि देवप्रयाग में प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के लिये एनसीसी निदेशालय की ओर से भी सहमति दे दी गयी थी। प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार कर ली गयी थी लेकिन इसी दौरान प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षण केन्द्र को पौड़ी में स्थानांतरित करने की घोषणा कर दी। जिसके बाद देवप्रयाग की जनता आक्रोशित है। जनता लगातार धरना प्रदर्शन कर रही है। ग्रामीणों की ओर से खून से लिखा गया एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा गया लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

रवीन्द्र, उप्रेती

वार्ता

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