Tuesday, Dec 10 2019 | Time 23:37 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • फोटो कैप्शन तीसरा सेट
  • हत्या मामले में तीन गिरफ्तार
  • शाह के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं कांग्रेस सांसद और तृणमूल समर्थक : बिष्टा
  • नागरिकता संशोधन विधेयक मुद्दों से भटकाने की साजिश : कुशवाहा
  • पाठ्यक्रमों में मानवाधिकार से जुड़े अध्यायों को शामिल करना श्रेयस्कर : चौहान
  • अनाज मंडी अग्निकांड में झुलसे दो लोगों को समस्तीपुर में दी गई अंतिम विदाई
  • डबल इंजन की सरकार असल में डबल बुलडोजर की सरकार : दीपंकर
  • झारखंड से अहंकार में डूबी भाजपा सरकार की विदाई तय : हेमंत
  • रिसैट-2बीआर1 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू
  • झारखंड में फिर बनेगी भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार : नड्डा
  • झारखंड में तीसरे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त
  • आईजीआईएमएस में अस्पताल भवन निर्माण के लिए 513 21 करोड़ मंजूर
  • फर्रुखाबाद से अपहृत की गई नाबालिग बरामद,आरोपी गिरफ्तार
  • पांच वर्षों में परिवहन क्षेत्र में 17 लाख करोड़ निवेश किया जाएगा: गडकरी
  • सीएबी से पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति और जनसांख्यिकी पर असर नहीं-माधव
राज्य » मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़


किसान ने जनसुनवाई में की आत्महत्या की कोशिश

खरगोन, 19 नवंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई में पहुंचे एक किसान ने आज अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर आग लगा ली। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार रामेश्वर कुशवाहा दाेपहर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। वहां जन सुनवाई के लिए उपस्थित अतिरिक्त कलेक्टर मिट्ठू लाल कनेल ने उसे बताया कि उनकी पिछली शिकायतों के सिलसिले में जिला कलेक्टर ने एसडीएम को जांच के लिए भेजा था और रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है। इसके बाद श्री कनेल और वहां उपस्थित अन्य अधिकारी किसान को बाहर बैठ जाने के लिए कहा।
इसी दौरान किसान ने अपने साथ लाई केन से मिट्टी तेल शरीर पर उड़ेल लिया। जनसुनवाई में खलबली मच गई और किसान को पुलिस तथा उसके साथियों ने पकड़ कर लिया। अतिरिक्त कलेक्टर कनेल ने किसान को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के निर्देश दिए। किसान फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती है।
जिला कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड ने बताया कि वर्ष 1992 से निर्मित उक्त तालाब के जलभराव की समस्या को लेकर एसडीएम को भेजकर जांच कराई गयी है। उन्होंने कहा कि जल सिंचाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और तालाब को तोड़कर पानी बहाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि अधिक वर्षा के चलते कुछ खेतों में पानी भर गया हो। पानी सूखने पर जमीन का सीमांकन कराकर किसान को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
सं बघेल
वार्ता
image