Wednesday, Sep 18 2019 | Time 21:45 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • फोटो कैप्शन-दूसरा सेट
  • आशुतोष टंडन ने किया वाराणसी में रिकॉर्ड विकास कार्यों का दावा
  • केरल में निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से दो मरे, तीन घायल
  • मुजफ्फरनगर में शराब तस्करों को पकड़ने वाले पुलिस दल को एक लाख का इनाम
  • प्रयागराज में गंगा ने पार किया खतरे का निशान,बाढ़ से अफरा-तफरी
  • योगी एवं धर्मेन्द्र प्रधान ने किया बाटलिंग प्लान्ट का लोकार्पण
  • बिहार सरकार विवि परीक्षा में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों को 31 हजार से करेगी सम्मानित : नीतीश
  • योगी एवं धमेन्द्र प्रधान ने किया उर्वरक कारखाने का निरीक्षण
  • बैंस की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
  • ई-सिगरेट पर प्रतिबंध से स्वस्थ जीवन को बढ़ावा मिलेगा: हर्षवर्धन
  • बिहार भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय जायसवाल का पटना में भव्य स्वागत
  • बाबा जगन्नाथ सुरती वाले डेरे के महंत की हत्या, खेत से मिला शव
  • शिवानंद तिवारी के खिलाफ मानहानि मामले में संज्ञान
  • हत्या मामले में चाय दुकानदार को आजीवन कारावास
बिजनेस


चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करेंगे व्यापारी: कैट

नयी दिल्ली 18 अगस्त (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर चीन के पाकिस्तान का समर्थन करने से खफा खुदरा व्यापारियों ने चीनी वस्तुओं का बहिष्कार की घोषणा की है।
इस साल हुये आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने वाले खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा है कि वह चीन में वस्तुओं के बहिष्कार के लिए एक सितंबर को राष्ट्रीय स्तर के अभियान की शुरुआत करेगा। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने रविवार को बताया कि इस संदर्भ में 29 अगस्त को व्यापारियों के नेताओं के एक सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में किया जायेगा। इस सम्मेलन में आगे की रणनीति तय की जायेगी।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि चीन को भारत के खिलाफ किसी भी मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करने की आदत पड़ चुकी है। इसलिए अब समय आ गया है कि चीनी वस्तुओं पर निर्भरता कम की जाये। उन्होंने कहा कि भारत चीन के लिए बड़ा बाजार है। देश के व्यापार घाटे में चीन से होने वाले व्यापार का योगदान 40 प्रतिशत का है। वित्त वर्ष 2017-18 में चीन से 90 अरब डॉलर का आयात किया गया था। इसके बावजूद वह भारत के उचित रुख का समर्थन करने की बजाय पाकिस्तान का पक्ष लेता रहता है।
कैट ने चीनी से आयातित वस्तुओं पर 300 से 500 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाने का सरकार से अनुरोध किया है और माँग की है कि घरेलू लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाये।
अजीत, उप्रेती
वार्ता
image