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जर्मनी ने किया भारतीय उद्योगपतियों को आमंत्रित

नयी दिल्ली 11 फरवरी (वार्ता) जर्मनी ने भारतीय उद्योगपतियों से अपने आॅटोमोबाइल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आॅप्टिक क्षेत्र में निवेश का आह्वान करते हुए सोमवार को कहा कि इससे दोनों पक्षों को लाभ हो सकता है।
जर्मनी के तुरिंगिया प्रांत के आर्थिक मामले, विज्ञान तथा डिजीटल सोसाइटी मंत्री वोल्फगांग तीफेंसी ने आज यहां भारतीय उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय उद्योगपतियों के लिये जर्मनी में निवेश और सहयोग के व्यापक अवसर पर उपलब्ध हैं। इसके लिये भारतीय उद्याेगपतियों को आॅटोमोबाइल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आॅप्टिक क्षेत्र की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि तुरिंगिया प्रांत ने निवेश का प्रोत्साहन देने के लिये अनेक रियायतों और छूट देने की घोषणा की है जिसका फायदा भारतीय कारोबारियों को मिल सकता है। श्री तीफेंसी के साथ एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत की यात्रा पर आया है।
श्री तीफेंसी ने कहा कि तुरिंगिया यूरोप के मध्य में स्थित है जिससे पूरे महाद्वीप में आसानी से जाया जा सकता है। प्रांत आप्टिक उद्योग का केंद्र है और विश्व में अग्रणी है। आॅटोमोबाइल उद्योग की प्रमुख कंपनियां डैमलर, ओपेल, मेगना, बोस, बीएमडब्लयू या बोर्ग वारनर इस प्रांत में हैं और इंजीनियरिंग मैकेनिकल उद्योग को बेहतर अवसर उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा प्रांत में 40 से अधिक विश्वविद्यालयों में 10 हजार से अधिक वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं जो उद्योग के अनुरुप है।
भारत और जर्मनी के आपसी व्यापार में 2017 के दौरान 10 प्रतिशत कर इजाफ हुआ है। दोनों देशों के बीच आपसी निवेश में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
सत्या अर्चना
वार्ता
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