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दो साल में ढाई गुणा हुआ बैंक मित्रों के माध्यम से लेनदेन

नयी दिल्ली 14 फरवरी (वार्ता) बैंक मित्रों या बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के माध्यम से किये जाने वाले औसत लेनदेन की संख्या पिछले दो साल में बढ़कर लगभग ढाई गुणा हो गयी है।
अंतराष्ट्रीय सलाह कंपनी माइक्रोसेव द्वारा आज यहाँ जारी रिपोर्ट में बताया कि गया है कि वर्ष 2015 में देश में बैंक मित्रों के माध्यम से रोजाना औसतन 13 लेनदेन होतेे थे जो 2017 में बढ़कर 31 पर पहुँच गये। इस प्रकार इसमें 140 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण इलाकों ने यह औसत 14 से बढ़कर 41 पर, महानगरों में पाँच से बढ़कर 19 पर और अन्य शहरों में 14 से बढ़कर 28 पर पहुँच गयी।
‘स्टेट ऑफ एजेंट नेटवर्क, इंडिया, 2017’ नाम से जारी रिपोर्ट का अनावरण केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम् ने किया। उन्होंने बैंक मित्रों द्वारा एक बैंक के खाते से दूसरे बैंक के खाते में पैसा भेजने में आने वाली दिक्कतों के बारे में कहा कि वह इस मसले को उचित मंच पर उठायेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, 41 प्रतिशत बैंक मित्रों ने कहा कि उनका बैंक उन्हें दूसरे बैंकों के खाते में पैसे भेजने की अनुमति नहीं देता है जबकि 75 प्रतिशत का कहना है कि उनके पास ऐसे ग्राहक आते हैं जो दूसरे बैंकों के खातों में पैसा भेजना चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इसकी अनुमति हो तो बैंक मित्रों द्वारा होने वाले लेनदेन में तीन प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। सत्रह प्रतिशत बैंक मित्रों का कहना है कि दूसरे बैंक में खाता भेजते समय पैसे पहुँचने में दिक्कत आती है।
अजीत अर्चना
जारी (वार्ता)
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