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पंजाब विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित

पंजाब विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़ ,17 जनवरी (वार्ता) शिरोमणि अकाली दल -भाजपा गठबंधन के विरोध के बीच आज पंजाब विधानसभा में विवादित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ सरकार की ओर से लाया गया प्रस्ताव पारित कर दिया गया ।

इस प्रस्ताव पर बहस के दौरान अकाली दल तथा सत्तारूढ़ कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई लेकिन आम आदमी पार्टी तथा लोक इंसाफ पार्टी का सरकार को समर्थन मिला । मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बहस के दौरान कहा कि संविधान सर्वोपरि है और देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को बदलने का किसी को अधिकार नहीं । सदियों से आ भाईचारे की परंपरा को तोड़ने की कोशिश की जा रही है । न जाने हमारे सिस्टम में क्यों विघ्न डाला जा रहा है ।

उन्होंने कहा कि महान शहीदों ने देश के लिये कुर्बानी दी और देश की एकता अखंडता को तहस नहस करने के लिये यह सब किया जा रहा है । उन्होंने इसे विघटनकारी करार देते हुये कहा कि इसका मतलब हमने हिटलर से कुछ नहीं सीखा । उन्होंने अकाली दल के सदस्यों से अपील की कि वे अपना स्वार्थ न देख भावी पीढ़ी के भविष्य को देखें । आंख मूंदकर केन्द्र का समर्थन उनके लिये घातक सिद्ध होगा लेकिन समय हाथ से निकल गया तो कुछ नहीं बचेगा ।

ज्ञातव्य है कि केरल सरकार के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में पंजाब पहला ऐसा राज्य है जिसने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव विधानसभा में लाकर पारित किया है ।

शर्मा

वार्ता जारी

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