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भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच भूजल को लेकर समझौता

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच भूजल को लेकर समझौता

नयी दिल्ली, 22 नवंबर (वार्ता) भारत तथा आस्ट्रेलिया के बीच भूजल का स्तर बढ़ाने को लेकर एक समझौता हुआ है जिसके तहत प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाएगा।

केंद्रीय भूजल बोर्ड ने शुक्रवार को यहां एक समारोह में ऑस्ट्रेलिया मैनेजिंग एक्वीफर रिचार्ज एंड सस्टेनिंग ग्राउंड वॉटर यूज थ्रू विलेज-लेवल इंटरवेंशन-मारवी के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, जल शक्ति राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया, जल संसाधन मंत्रालय में सचिव यू पी सिंह, ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री डैन टेहन और भारत में ऑस्ट्रेलिया की उच्चायुक्त सुश्री इवेन मैके उपस्थित थीं।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा कि जल संकट किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा है। उन्होंने कहा, ‘हमारी 65 प्रतिशत निर्भरता भूजल पर है और इसमें बढ़ोतरी होती जा रही है।’ उन्होंने कहा कि क्योंकि भावी पीढ़ियां इससे प्रभावित होंगी, इसलिए यह मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है।

श्री कटारिया ने कहा कि सरकार ‘जलदूत’ संवर्ग बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘भूजल का दोहन सबसे अधिक होता है, क्योंकि वह सस्ता और सुगम्य है।’ श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल संकट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और उन्होंने ‘मन की बात’ में इस मुद्दे को उठाया था और स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भी इस मुद्दे को रेखांकित किया था।

अभिनव.श्रवण

वार्ता

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