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भारत


भारतीय परिपेक्ष्य में इतिहास लिखने की जरुरत:नायडु

भारतीय परिपेक्ष्य में इतिहास लिखने की जरुरत:नायडु

नयी दिल्ली 21 अक्टूबर (वार्ता) उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने भारतीय भाषाओं की समृद्धि पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि भारत का इतिहास भारतीय परिपेक्ष्य में लिखा जाना चाहिए।

श्री नायडु ने यहां दिल्ली तमिल छात्र संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश इतिहासकारों ने अपने निहित स्वार्थ साधने के लिए भारतीय इतिहास के लेखन से अपने मकसद को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को अंग्रेज इतिहासकारों ने सिर्फ एक विद्रोह बताया है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में भारतीय संस्कृति एवं परंपरायें झलकनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में 19500 से ज्यादा बोलियाें और भाषा का इस्तेमाल होता है। ये विरासत समृद्ध की जानी चाहिए। उन्होेंने कहा कि छात्र राष्ट्र के भविष्य है। उन्हें शिक्षा दीक्षा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराये जाने चाहिए और राष्ट्र के समक्ष मुद्दों से भी अवगत कराया जाना चाहिए।

सत्या

वार्ता

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