Friday, Apr 10 2020 | Time 16:53 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • पाकिस्तानी नागरिक के साथ 200 कोरोना संक्रमितों के बिहार में प्रवेश की सूचना के बाद अलर्ट
  • मंडलायुक्त ने किया कोरोन्टाइन एवं इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण
  • अमेरिका में कोरोना का कहर, अब तक 16,672 लोगों की मौत
  • दारूल उलूम के छात्रावासो में रूके 2357 छात्राें और कर्मचारियों की थर्मल जांच
  • रिजिजू ने हॉकी खिलाड़ी दीवान की मदद का दिया भरोसा
  • मोदी ने नेपाल, जापान के प्रधानमंत्रियों से की बात
  • चीन में कोरोना वायरस के 42 नये मामले दर्ज
  • निश्चित शुल्क : पीएसपीसीएल दोनों तरफ से फंसा
  • कोरोना: जुमे की नमाज के मद्देनजर कश्मीर में कड़े प्रतिबंध
  • कोरोना के लक्षण दिखायी देने पर तुरंत संपर्क करने की अपील की शिवराज ने
  • निर्यातकों के लिए राहत पैकेज की मांग
  • यमन में कोरोना वायरस का पहला मामला दर्ज
  • यूक्रेन में कोरोना वायरस से 69 लोगों की मौत, 2203 संक्रमित
  • किसी जमाती के गायब होने से भूपेश का इंकार
  • निशंक ने की 'भारत पढ़े ऑनलाइन' अभियान की शुरुआत
राज्य


मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में पहुँच जायेगा चंद्रयान

मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में पहुँच जायेगा चंद्रयान

बेंगलुरु, 19 अगस्त (वार्ता) चाँद पर भारत का दूसरा मिशन चंद्रयान-2 मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में पहुँच जायेगा।

चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को दोपहर बाद 2.43 बजे आँध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया था। पहले 22 दिन पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाने के बाद 14 जुलाई को तड़के 2.21 बजे इसकी छह दिन की चंद्र यात्रा शुरू हुई थी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि चंद्रयान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुँच जायेगा।

पृथ्वी से चंद्रमा तक की यात्रा के सीधे रास्ते से चंद्रमा की वक्र कक्षा में इसे स्थापित करने की जटिल प्रक्रिया को सुबह 8.30 बजे से 9.30 बजे के बीच अंजाम दिया जायेगा। इसके लिए चंद्रमा के पास पहुँचने पर चंद्रयान के लिक्विड इंजन को चालू कर चंद्रयान की दिशा बदली जायेगी। आरंभ में इसे 118 किलोमीटर गुणा 18,078 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया जायेगा।

इसके बाद 21 अगस्त, 28 अगस्त, 30 अगस्त और एक सितंबर को इसकी कक्षा में चार बार बदलाव किये जायेंगे। एक सितंबर को आखिरी बदलाव के बाद चंद्रयान 114 किलोमीटर गुणा 128 किलोमीटर की वक्र चंद्र कक्षा में पहुँच जायेगा।

चंद्रयान के तीन हिस्से हैं -ऑर्बिटर, विक्रम नाम का लैंडर और प्रज्ञान नाम का रोवर। विक्रम और उसके साथ जुड़ा रोवर 02 सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जायेगा और 03 सितंबर को इनकी गति कम की जायेगी।

मिशन का सबसे महत्वपूर्ण दिन सात सितंबर को होगा जब लैंडर चंद्रमा की कक्षा से उसकी सतह की ओर उतरना शुरू करेगा और अंतत: चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के क्षेत्र में उतरेगा।

चंद्रमा पर उतरने के बाद रोवर भी विक्रम से अलग हो जायेगा और 500 मीटर के दायरे में घूम कर तस्वीरें अन्य जानकारी एकत्र करेगा।

यह मिशन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर आज तक कोई और देश नहीं पहुँच पाया है। वैज्ञानिकों के लिए यह क्षेत्र बिल्कुल अछूता रहा है और वहाँ से मिलने वाली जानकारी चंद्रमा के बारे में इंसानी समझ को सिरे से बदल भी सकती है। इस मिशन में काफी नयी जानकारियाँ मिलने की उम्मीद है।

अजीत.श्रवण

वार्ता

More News
किसी जमाती के गायब होने से भूपेश का इंकार

किसी जमाती के गायब होने से भूपेश का इंकार

10 Apr 2020 | 4:51 PM

रायपुर, 10 अप्रैल(वार्ता)छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में आए जमातियों की खोजबीन में उदासीनता के आरोपो को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में एक भी जमाती गायब नही है।

see more..
राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 520 हुई

राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 520 हुई

10 Apr 2020 | 4:45 PM

जयपुर, 10 अप्रैल (वार्ता) राजस्थान में आज कोरोना पोजिटिव के कुल 57 और नये मामले आने के साथ ही यहां पोजिटिव की संख्या बढ़कर 520 पर पहुंच गयी है।

see more..
जमातियों की तलाश में महाराष्ट्र एवं उ.प्र.जैसी सख्ती की जरूरत - रमन

जमातियों की तलाश में महाराष्ट्र एवं उ.प्र.जैसी सख्ती की जरूरत - रमन

10 Apr 2020 | 4:43 PM

रायपुर 10अप्रैल(वार्ता)भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने राज्य की भूपेश सरकार पर जमातियों की तलाश में उदासीनता बरतने का आऱोप लगाते हुए कहा कि इसके लिए महाराष्ट्र एवं उ.प्र.जैसी सख्ती की जरूरत है।

see more..
image