Monday, Dec 9 2019 | Time 17:45 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • हवा से चलने वाली बाइक बनाने वाले अद्वैत ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
  • विस्तारा का लुफ्थांसा के साथ कोड शेयर समझौता
  • दिल्ली के पत्रकार ने हरिद्वार में की आत्महत्या
  • हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्तियों को भरने की राज्य सभा में मांग
  • विनायक गुप्ता का विस्फोटक शतक बेकार
  • अनाज मंडी अग्नि हादसे वाली इमारत का मालिक आप का कार्यकर्ता: तिवारी
  • शेयर बाजार बढ़त में
  • वीवो ने लाँच किया नया स्मार्टफोन वी 17
  • विधानसभा में श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर विपक्ष का हंगामा
  • यूक्रेन के ओडेस्सा कालेज में मृतकों की संख्या 12 हुई
  • रूस वैश्विक खेलों से चार साल के लिये प्रतिबंधित
  • भारतीय महिला फुटबॉल टीम की सैग खेलों में स्वर्णिम हैट्रिक
  • प्रधानमंत्री आवास योजना में दिल्ली ने नहीं लिया एक भी मकान
  • दिल्ली के खिलाफ उथप्पा के शतक और राहुल के 97 रन से केरल मजबूत
  • प बंगाल का नाम बंगाल करने की मांग
राज्य » उत्तर प्रदेश


यू पी टीईटी 2017 का परिणाम दो माह में घोषित करें-उच्च न्यायालय

लखनऊ, 21 नवम्बर (वार्ता) इलाहाबाद उच्य न्यायालय की लखनऊ खंड पीठ ने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में हुयी यू पी टीईटी परीक्षा का परिणाम दो माह में घोषित करने के निर्देश परीक्षा नियामक प्राधिकारी को दिये हैं ।
अदालत ने इसके दो माह बाद सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा, 2018 कराने के आदेश भी दिए है। पीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील को मंजूर करते हुए दिए है ।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति इरशाद अली की खंडपीठ ने राज्य सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से दायर विशेष अपील को मंजूर करते हुए आज यह अहम फैसला सुनाया। इसमें,एकल न्यायाधीश के 6 मार्च 2018 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें टीईटी के 14 सवालों का परिणाम रद्द कर इनको हटाकर सभी कापियों को नए सिरे से जांचने के बाद परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 को अगली किसी तारीख तक बढ़ा दिया था।
खंडपीठ ने एकल पीठ के इस आदेश को खारिज कर दिया है । न्यायालय ने राज्य सरकार के सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से विशेष अपील दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी ।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह ने बहस की थी । कहा गया था कि एकल पीठ का आदेश न्यायोचित नहीं है । इस आदेश को खारिज करने की मांग विशेष अपील में की थी । अदालत ने सरकार की ओर से दायर इस विशेष अपील को मंजूर करते हुए यह आदेश दिया है ।
सं त्यागी
वार्ता
image