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राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है - शिवराज

भोपाल, 30 नवंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कार्य करने वाली है और सदैव किसानों के साथ खड़ी है।
श्री चौहान ने यहां राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में कहा कि देश की संसद ने किसानों के लिये और कृषि की उन्नति के लिये तीन कानून बनाये हैं, जो पूरी तरह से किसानों के हित में है। किसान को अपनी फसल बेचने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। चाहे वह फसल मण्डी में बेचे या मण्डी के बाहर बेचे। उसे घर बैठे फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। किसान को अनेक विकल्प मिलेंगे। किसान को बोनी के समय ही फसल की अच्छी कीमत मिल सकती है। विपरीत स्थितियों में किसान किसी भी कान्ट्रेक्ट से बाहर आ सकता है। समर्थन मूल्य पर फसल की खरीदी की व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। मण्डियां चालू रहेंगी। हम पूरी ताकत से किसानों का हित साधने वाले इन कानूनों के समर्थन में खड़े हैं।
श्री चौहान ने कहा कि सुशासन मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सज्जनों के लिये फूल से अधिक कोमल और दुर्जनों के लिये वज्र से भी अधिक कठोर है। गरीब और किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। आमजन के हितों को संरक्षित रखा जायेगा। राज्य सरकार सी.एम. हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन को पुन: प्रभावी ढंग से शुरू कर रही है। इससे जनता को सरकार के और करीब लाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि मैदानी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं से अवगत होने के लिये वे स्वयं अचानक निरीक्षण करेंगे।
श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर तरह के माफिया की कमर तोड़ने और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये संकल्पित है। सरकार ने जो कहा वो जमीन पर कर दिखाया है। प्रदेश में चौतरफा माफिया, तस्कर, गुंडों-बदमाशों के विरूद्ध कार्रवाई चल रही है। पिछले कुछ दिनों में इन्दौर, भोपाल, मंदसौर, आगर, नीमच, जबलपुर, सतना और उज्जैन में कड़ी और बड़ी कार्रवाई की गयी है। इसी तरह प्रदेश में मिलावटखोरों को सबक सिखाने के लिये मिलावट से मुक्ति अभियान प्रारम्भ किया गया है।
श्री चौहान ने कहा कि बहन-बेटियों को डरा-धमका कर, बहला-फुसला कर शादी की जाती है और फिर धर्मान्तरण का कुचक्र चलता है। बेटी के जीवन को नरक बना दिया जाता है। राज्य सरकार इसे रोकने के लिये विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक लाकर कानून बनायेगी। बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा हर कीमत पर की जाएगी। दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम इसे हासिल करेंगे।
श्री चौहान ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में और प्रदेश के कुछ जिलों में कोरोना का संक्रमण फिर बढ़ा है। सर्दी में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। इसलिये सावधान रहने की जरूरत है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, धार, विदिशा जिलों में अधिक सतर्कता बरतनें और ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये समाज के साथ मिलकर हरसंभव उपाय किये जा रहे हैं। खुशी की बात है कि जल्दी वैक्सीन आने की संभावना भी बढ़ गयी है। लेकिन अभी जब-तक वैक्सीन नहीं आ जाये तब-तक किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतें। सावधान रहे, चेहरे पर मास्क लगाये, निश्चित दूरी बनाये रखे, बार-बार साबुन से हाथ धोयें। मास्क ही अभी वैक्सीन है।
श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के प्रति जहां सावधानी बरती गयी, वहां परिणाम अच्छे आये हैं। इन्दौर और भोपाल के उदाहरण हमारे सामने हैं। जिन मोहल्लों में अधिक संक्रमण फैला था, वे सावधानी बरतने की वजह से संक्रमण से मुक्त हैं। भोपाल और इन्दौर में कन्टेनमेंट एरिया बनाये गये। कन्टेनमेंट एरिया में जो परिवार हैं, उनसे आग्रह है कि वे इस क्षेत्र से बाहर नहीं निकलें।
मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का आव्हान भी किया। उन्होंने विकास की नयी यात्रा प्रारंभ करने, लोकल को वोकल बनाने, स्थानीय भाई-बहनों द्वारा बनायी वस्तु का उपयोग करने, खरीदने और स्व-सहायता समूहों द्वारा बनायी गयी वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया।
प्रशांत
वार्ता
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