Thursday, Jul 16 2020 | Time 18:28 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • संपर्क पथ का टूटना नीतीश सरकार के सुशासन में विकास की अद्भुत निशानी : दीपंकर
  • पूर्व आईपीएस से ठगी, गिरिडीह से दस साइबर अपराधी गिरफ्तार
  • दोहरा हत्याकांड : बेटी, दोहते समेत चार गिरफ्तार
  • राजस्थान में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर में निरन्तर कमी-शर्मा
  • शारीरिक शिक्षा देश में खेल संस्कृति के विकास में अहम: आनन्देश्वर पाण्डेय
  • रायबरेली में 19 नये कोरोना संक्रमित मिले, संख्या 217 पहुंची
  • हरियाणा की चीनी मिलों में अब गुड़ और शक्कर भी बनेगी
  • वाहन पंजीकरण प्लेट पर स्पष्टता को लेकर अधिसूचना
  • कोरोना के चलते प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को बंद रहेगा चिड़ियाघर
  • पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली में दो लोगों की हत्या मामले को सुलझाया
  • औरंगाबाद में दो बालकों की तालाब में डूबने से मौत
  • वावरिंका को थोड़ा बहुत नजरअंदाज किया जाता है: नार्मन
  • अब तहसील में दस्तावेज जमा होने पर कहीं से भी होगी सम्पत्ति की रजिस्ट्री
  • झूठ और अफवाहों के बल पर कब तक सियासत करेंगे तेजस्वी : जदयू
  • नोएडा से मुम्बई ब्लास्ट के आरोपी ‘डी कम्पनी’ के अबुसलेम के सहयोगी समेत दो गिरफ्तार
बिजनेस


रिलायंस, जियो में नौकरी झांसे वाले विज्ञापनों पर लगी रोक

नई दिल्ली, 29 मई (वार्ता) रिलायंस और जियो में नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले जालसाजों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्विकर और ओएलएक्स पर इस तरह के धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर रोक लगा दी है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को यह आदेश दिया जिसमें क्विकर और ओएलएक्स आगे ऐसे किसी भी विज्ञापन को अपने यहां नहीं दिखा पाएंगे जिनमें रिलायंस या जियो का नाम शामिल हो।
जालसाजों से मासूम लोगों को झांसे से बचाने के लिए रिलायंस ने इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। रिलायंस का कहना था कि उसके नाम और ट्रेड-मार्क का गलत इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया जा रहा है। रिलायंस और जियो में नौकरी के नाम पर मासूम लोगों से पैसा ऐंठा जा रहा है। क्विकर और ओएलएक्स पर इस बाबत झूठे विज्ञापन दिए जा रहे हैं जिनमें जियो एवं रिलायंस के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। रिलायंस ने सबूत के तौर पर ऐसे चार विज्ञापनों के लिंक भी न्यायालय में प्रस्तुत किए।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने विज्ञापनों पर रोक लगाने का आदेश देते हुए कहा कि प्रथमदृष्टया मामला बनता है और अगर विज्ञापनों पर रोक न लगाई गई तो इससे रिलायंस को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
न्यायालय में रिलायंस की तरफ से जिरह करते हुए वकीलों ने कहा कि नौकरी तलाशने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर यह मामला सामने आया, जिसमें पता चला कि कुछ जालसाज रिलायंस और जियो के नाम पर ओएलएक्स और क्विकर पर विज्ञापन पोस्ट कर रहे हैं। नौकरी के लिए भटक रहें लोग जालसाजों का आसान शिकार बन रहे हैं।
ओएलएक्स इंडिया ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने जियो एवं रिलायंस नाम के अतिरिक्त फिल्टर जोड़ दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के झूठे और मनगढ़ंत विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को धोखा न दिया जा सके। प्रतिवादियों की तरफ से कहा गया कि रिलायंस की तरफ से दिए गए चार लिंक्स में से तीन को हटा दिया गया है। एक लिंक को हटाया जा रहा है।
कोर्ट ने प्रतिवादियों से पूछा है कि विज्ञापनों को प्रकाशित करने का उनका क्या तरीका है और झूठे विज्ञापन प्रकाशित न हों इसके लिए कंपनी क्या कदम उठाती है। कोर्ट ने इसके लिए एक लिखित हलफनामा देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
मिश्रा.श्रवण
वार्ता
image