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विज्ञापन जगत के पितामह राम रे का निधन

कोलकाता, 12 नवंबर (वार्ता) भारतीय विज्ञापन जगत के पितामह कहे जाने वाले विज्ञापन गुरु राम रे का मंगलवार को निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
उनके परिवार में पत्नी और पुत्री है।
रेस्पोंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और प्रमुख को विज्ञापन की दुनिया की बारीकियों का ज्ञान था।
एक उत्साही पाठक होने के नाते वह अपने को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से अद्यतन रखते थे और उन्हाेंने भारत तथा अमेरिका में विपणन संचार से जुड़ी कंपनियाें और डिजाइन पेशवरों तथा 300 से अधिक क्लाइंट के साथ काम किया किया था। उन्हाेंने इस विधा में अनेक लोगों को पारंगत किया था।
प्रेसीडेंसी कालेज के स्नातक श्री रे को विपणन और विज्ञापन की दुनिया का 56 वर्षों का अनुभव था और इनमें से 20 वर्ष उन्होंने जे वाल्टर थाम्सन/ हिन्दुस्तान थाम्पसन इंडिया इंडिया और जेडब्ल्यूटी यूएसए में गुजारे थे।
वह एचटीए मद्रास, बेंगलुरू और कोलकाता के प्रमुख थे और एचटीए के संचालन बोर्ड के सदस्य थे। उन्होंने जेडब्ल्यूटी यूएसए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जेडब्ल्यू सान फ्रांसिस्को के प्रमुख के तौर पर भी काम किया था। वह जेडब्ल्यूटी यूएसए बोर्ड में काम करने वाले पहले गैर अमेरिकी थे। जेडब्ल्यूटी में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोलंबोमें जेडब्ल्यूटी और जेडब्ल्यूटी एफीलिएट्स की स्थापना की थी।
उन्हें कोलकाता, सिनेमा, फोटोग्राफी, ग्राफिक्स, टाइपोग्राफी, साहित्य से काफी लगाव था और उन्होंने 100 प्रख्यात बंगाली शख्सियतों की जीवनी को संकलित किया था। उन्हें हाॅल ऑफ फेम सम्मान, हाॅल ऑफ फेम एडवर्टाइजिंग क्लब कोलकाता तथा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
जितेन्द्र.श्रवण
वार्ता
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