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व्यवस्था को बेहतर बनाने में तकनीक का हो भरपूर इस्तेमाल : मुख्य सचिव

रांची 19 नवंबर (वार्ता) झारखंड के मुख्य सचिव डॉ. डी. के. तिवारी ने आज कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकारी कामकाज में तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाना चाहिए।
डॉ. तिवारी ने यहां सूचना तकनीक विभाग की आगामी तीन साल की योजनाओं और सौ दिनों की कार्ययोजना समीक्षा बैठक में कहा कि सूचना तकनीक जीवन के हर क्षेत्र में क्रांति कर रही है। सरकार भी इसका लाभ ले रही है लेकिन अभी भी इसका भरपूर उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसलिए, जरूरत है कि इसका योजनाबद्ध ढंग से सरकारी कार्यों में ज्यादा से ज्यादा उपयोग बढ़े। उन्होंने सूचना तकनीक विभाग को निर्देश दिया कि कारगर कार्यप्रणाली के लिए जैप आईटी और उसकी अनुषंगी इकाइयों को तीन माह के भीतर अपग्रेड कर लें।
मुख्य सचिव ने तकनीक के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय बनाकर उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन को त्रुटिहीन बनाने के साथ गति देने का निर्देश देते हुए कहा कि स्पेस एप्लीकेशन के सहारे बताया जा सकता है कि जल संरक्षण की योजना, जैसे चेकडैम, वाटरशेड, कुआं, तालाब तथा डीप बोर के लिए कहां और कितनी जमीन पर और जमीन के भीतर पानी है। कहां पर पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थान है। किस फसल के लिए कहां की जमीन ज्यादा उपयुक्त है।
डॉ. तिवारी ने कहा कि सेटेलाइट मैपिंग कर जाना जा सकता है कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है। इससे त्रुटिहीन सर्वे सेटलमेंट करने में आसानी होगी। साथ ही अवैध खनन पर भी नजर रखी जा सकती है। उन्होंने झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर को निर्देश दिया कि वह सिंचाई, वन, पेयजल, भूमि सुधार, कृषि, खान जैसे विभागों से समन्वय बनाकर उन्हें जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे से योजना क्रियान्वयन का उपयुक्त स्थान तय होने के बाद ही उसकी स्वीकृति दी जाएगी और उसका प्राक्कलन बनेगा।
सूरज
जारी (वार्ता)
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