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राज्य » मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़


सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अधिकारी अनुपस्थित, अध्यक्ष ने जतायी नाराजगी

भोपाल, 18 जुलाई (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में आज रात गृह और जेल विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के सदन की अधिकारी दीर्घा में मौजूद नहीं रहने पर अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस संबंध में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वरिष्ठ भाजपा विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा ने औचित्य का प्रश्न उठाते हुए कहा कि गृह और जेल विभाग की मांगों पर चर्चा चल रही है और अधिकारी दीर्घा में डॉयरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) मौजूद नहीं हैं। उन्होंने गृह मंत्री से जानना चाहा कि क्या वे आपकी अनुमति लेकर यहां उपस्थित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह डीजी (जेल) भी मौजूद नहीं हैं।
विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने भी कहा कि यह स्वस्थ परंपरा नहीं हैं। कुछ दिनों पहले ही अध्यक्ष ने अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों के सदन में मौजूद रहने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद इसका पालन नहीं होना गंभीर बात है।
संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि सदन की बैठकों से महत्वपूर्ण बैठक कोई और नहीं हो सकती है। इसलिए वे भी इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हैं।
अध्यक्ष श्री प्रजापति ने कहा कि यदि सदन की बैठकों के दौरान अधिकारी अनुपस्थित रहेंगे, तो निश्चित ही उन्हें कदम उठाने बाध्य होना पड़ेगा। अध्यक्ष ने अपनी बात कहने के बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इसके पहले गृह और जेल विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरूआत पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने की और आरोप लगाया कि मौजूदा छह माह पुरानी सरकार के कार्यकाल में अपराध बढ़ गए हैं। उन्होंने आकड़े पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान जो भी वादे किए थे, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया।
कांग्रेस ने पुलिस महकमे में भर्ती और पुलिस कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देने की बात कही थी, लेकिन ऐसा धरातल पर हो नहीं पाया है। अनुदान मांगों पर चर्चा में अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।
प्रशांत
वार्ता
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