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स्कूली शिक्षा के विकास के लिये पीरामल फाउंडेशन और सरकार में करार

जयपुर, 09 दिसम्बर (वार्ता) राजस्थान में झुंझुनू जिले को विद्यालयीन शिक्षा में अभिनव प्रयोग के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिये राजस्थान सरकार और पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के बीच आज पांच वर्ष का करार किया गया।
राजस्थान सरकार की ओर से शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, स्कूल शिक्षा विभाग सचिव मंजू राजपाल, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद एवं स्कूल शिक्षा आयुक्त और विशिष्ट सचिव प्रदीप कुमार बोरड, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा और अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक भगोटिया और पीरामल फाउंडेशन की ओर से पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप निदेशक मनमोहन सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किये।
इस अवसर पर श्री डोटासरा ने कहा कि सरकार राज्य में शिक्षा में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिये प्रतिबद्ध है। सरकार के पास सीमित संसाधन और बजट की मजबूरी है, लिहाजा शिक्षा में सुधार के लिये निजी क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों को आगे आना चाहिए। सरकार उनसे हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास से हमारी आने वाली पीढ़ियां सुधरेंगी। वर्तमान में राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है, हम कोशिश करें तो इसे पहले स्थान पर लाया जा सकता है।
श्री डोटासरा ने कहा कि गैर सरकारी संगठनों को सरकारी अधिकारियों के समन्वय से कार्य करना चाहिए। सरकार उनकी मदद करेगी, लेकिन गैरसरकारी संगठनों को भी अपने किये गये काम का लेखा जोखा अधिकारियों को मुहैया कराना होगा, जिससे उनके काम का मूल्यांकन हो सकेगा और कमियों को दूर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि झुंझुनू देश में अग्रणी जिले के रूप में जाना जाता है। सरकार का उद्देश्य तीन से 18 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिये देश के 723 जिलों में झुंंझुनू को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना है।
पीरामल समूह की उपाध्यक्ष डा़ स्वाति पीरामल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जीवन काैशल एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये राजस्थान सरकार सराहनीय प्रयास कर रही है। उनके संस्थान का राजस्थान से सहयोग का लम्बा इतिहास रहा है। अब इस बात की खुशी है कि राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली में उत्कृष्ट बदलाव लाने में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है।
सुनील
वार्ता
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