Friday, Aug 23 2019 | Time 07:35 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • मोदी-मेक्रों ने सीमा पार आतंकवाद को रोकने का अनुरोध किया
  • ट्रम्प ने जी-7 सम्मिट में आर्थिक मुद्दे पर बातचीत का अनुरोध किया
  • नाइजीरिया में सड़क हादसे में 17 की मौत
  • कश्मीर मामले पर तीसरे पक्ष को नहीं करनी चाहिए दखलंदाजी : मैक्रों
  • योगी कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को उनका विभाग बांट दिया गया
  • सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस ने हमेशा साथ दिया : मोदी
  • पूर्वी कालिमैनटन में होगी इंडोनेशिया की नयी राजधानी
  • सिंधू-प्रणीत क्वार्टरफाइनल में, सायना,श्रीकांत और प्रणय हारे
  • योगी कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को उनका विभाग बांट दिया गया
  • जोफ्रा के कहर से ऑस्ट्रेलिया 179 पर ढेर
  • पोलैंड में आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौत, कई घायल
  • तुषार वेलापल्ली जमानत पर रिहा
बिजनेस


हम धरती के मालिक नहीं बल्कि संरक्षक है: नायडू

नयी दिल्ली 11 फरवरी (वार्ता) उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने प्राकृतिक संसाधनों के तर्कसंगत इस्तेमाल के महत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि हमें यह अहसास होना चाहिए कि हम धरती के मालिक नहीं है बल्कि इसके संरक्षक हैं।
श्री नायडू ने एनर्जी एंड रिसर्च इंस्‍टीट्यूट, टेरी द्वारा आज यहां आयोजित विश्‍व सतत विकास सम्‍मेलन 2019 को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि हम इस धरती को इसके प्राचीन गौरव के साथ अगली पीढ़ी को सौंपें। उन्होंने धर्मो रक्षतिः रक्षतः को उदधृत करते हुए कहा कि इसका अर्थ है कि यदि आप धर्म पर कायम रहते हैं तो यह आपकी रक्षा करेगा और यदि आप प्रकृति को संरक्षित रखेंगे तो बदले में प्रकृति आपको संरक्षण देगी और आपका पोषण करेगी। उन्‍होंने कहा कि यदि हम ऐसा नहीं करते तो इससे हमारा अस्तित्व संकट में आ सकता है।
श्री नायडू ने कहा, “धरती हमारी मां के समान है। ऐसे में संपूर्ण मानव जाति को अपने धार्मिक, जातिगत और नस्‍लीय भेद भुलाकर इसे संरक्षित रखने का एकजुट प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हमारे पारंपरिक रीति रिवाज सतत जीवन शैली को परिलक्षित करते हैं और भारत के वैदिक दर्शन ने भी हमेशा से ही प्रकृति और मानव के बीच गहरे संबधों पर बल दिया है।
उन्‍होंने कहा कि सत‍त विकास के लिए प्रत्‍येक व्‍यक्ति का योगदान जरूरी है। हम चाहें तो लंबे ट्रैफिक जाम पर वाहन का इंजन बंद करके या फिर भीड़-भाड़ वाले शहरों में कार्यालय आने-जाने के लिए साइकिल का इस्‍तेमाल करके या फिर बेकार हो चुकी वस्‍तुओं का पुनर्चक्रण या फिर उनका खाद बनाकर इसमें सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने पर्यावरण को होने वाले नुकसान और इसके दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण पर अधिक निर्भर होने के कारण विकासशील देशों को ये दुष्‍प्रभाव तत्काल झेलने पड़ते हैं। ऐसे स्थिति में सतत विकास के लिए सभी देशों को साथ मिलकर प्रयास करना चाहिए। श्री नायडू ने कहा कि भारत दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है, जहां बढ़ती आबादी और मवेशियों के चारे के बढ़ती मांग दबाव के बावजूद वन क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है। देश के वन क्षेत्र कार्बन उर्त्सजन के प्रभाव को कम करने का काम कर रहे हैं।
अर्चना सत्या
वार्ता
More News
25 करोड़ रुपये के कारोबार वाले स्टार्टअप को मिलेगी आयकर छूट: सीबीडीटी

25 करोड़ रुपये के कारोबार वाले स्टार्टअप को मिलेगी आयकर छूट: सीबीडीटी

22 Aug 2019 | 7:01 PM

नयी दिल्ली 22 अगस्त (वार्ता) केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने गुरूवार को स्पष्ट किया कि 25 करोड़ रुपये के कारोबार वाले छोटे स्टार्टअप को शुरूआत से सात वर्षाें तक में से तीन वर्ष की आय शत प्रतिशत कर मुक्त होगी।

see more..
image