Sunday, Aug 18 2019 | Time 20:39 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • मस्तिष्काघात से स्मिथ लॉर्ड्स टेस्ट से बाहर, तीसरे टेस्ट में खेलना संदिग्ध
  • डिफेंडर कोथाजीत ने खेला 200वां अंतर्राष्टीय मैच
  • पाकिस्तान में विस्फोट में पांच मरे ,छह घायल
  • जेटली से एम्स में मुलाकात का सिलसिला रविवार को भी जारी
  • सूर्यकुण्ड धाम दर्शनीय एवं पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकसित:योगी
  • पूर्वी मध्यप्रदेश में 24 घंटो में बारिश की झमाझम
  • फिरोजशाह कोटला में होगा विराट कोहली स्टैंड
  • समोलिया में अल-शबाब के दो आतंकवादी ढेर
  • आईएस ने अफगानिस्तान में हमले की जिम्मेदारी ली
  • दून पहुंचा शहीद संदीप थापा का पार्थिव शरीर, नम आखों से दी अंतिम विदाई
  • संगम तट लेटे बडे हनुमान को गंगा स्नान कराने को आतुर
  • वाइको अस्पताल में भर्ती
  • उत्तरकाशी में बादल फटने, तेजे बारिश से जानमाल का नुकसान
  • वाराणसी में गंगा का जलस्तर लाल निशान की ओर
मनोरंजन » जानीमानी हस्तियों का जन्म दिन


गायक बनने की तमन्ना रखते थे आनंद बख्शी

गायक बनने की तमन्ना रखते थे आनंद बख्शी

..जन्मदिवस 21 जुलाई ..
मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) अपने सदाबहार गीतों से श्रोताओं को दीवाना बनाने वाले बालीवुड के मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लगभग चार दशक तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया लेकिन कम लोगो को पता होगा कि वह गीतकार नहीं बल्कि पार्श्वगायक बनना चाहते थे।

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में 21 जुलाई 1930 को जन्मे आनंद बख्शी को उनके रिश्तेदार प्यार से नंद या नंदू कहकर पुकारते थे।
‘बख्शी’ उनके परिवार का उपनाम था जबकि उनके परिजनों ने उनका नाम आनंद प्रकाश रखा था।
लेकिन फिल्मी दुनिया में आने के बाद आनंद बख्शी से नाम से उनकी पहचान बनी।
आनंद बख्शी बचपन से ही फिल्मों में काम करके शोहरत की बुंलदियों तक पहुंचने का सपना देखा करते थे लेकिन लोगो के मजाक उडाने के डर से उन्होंने अपनी यह मंशा कभी जाहिर नहीं की थी।
वह फिल्मी दुनिया में गायक के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते थे।

आनन्द बख्शी अपने सपने को पूरा करने के लिये 14 वर्ष की उम्र मे ही घर से भागकर फिल्म नगरी मुंबई आ गए जहां उन्होंने रॉयल इडियन नेवी मे कैडेट के तौर पर दो वर्ष तक काम किया।
किसी विवाद के कारण उन्हें वह नौकरी छोडनी पड़ी।
इसके बाद 1947 से 1956 तक उन्होंने भारतीय सेना में भी नौकरी की।
बचपन से ही मजबूत इरादे वाले आनंद बख्शी अपने सपनों को साकार करने के लिये नये जोश के साथ फिर मुंबई पहुंचे जहां उनकी मुलाकात उस जमाने के मशहूर अभिनेता भगवान दादा से हुयी।
शायद नियति को यही मंजूर था कि आनंद बख्शी गीतकार ही बने।
भगवान दादा ने उन्हें अपनी फिल्म ‘भला आदमी’ में गीतकार के रूप में काम करने का मौका दिया।
इस फिल्म के जरिये वह पहचान बनाने में भले ही सफल नहीं हो पाये लेकिन एक गीतकार के रूप में उनके सिने कैरियर का सफर शुरू हो गया।

अपने वजूद को तलाशते आनंद बख्शी को लगभग सात वर्ष तक फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष करना पडा।
वर्ष 1965 में ‘जब जब फूल खिले’ प्रदर्शित हुयी तो उन्हे उनके गाने ..परदेसियों से न अंखियां मिलाना.. ..ये समां.. समां है ये प्यार का.. एक था गुल और एक थी बुलबुल..सुपरहिट रहे और गीतकार के रूप में उनकी पहचान बन गई।
इसी वर्ष फिल्म ‘हिमालय’ की गोद में’ उनके गीत ..चांद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोंचा था.. को भी लोगो ने काफी पसंद किया।

वर्ष 1967 में प्रदर्शित सुनील दत्त और नूतन अभिनीत फिल्म ‘मिलन’ के गाने ..सावन का महीना पवन कर शोर..युग युग तक हम गीत मिलन के गाते रहेंगे..राम करे ऐसा हो जाये..जैसे सदाबहार गानों के जरिये उन्होंने गीतकार के रूप में नयी ऊंचाइयों को छू लिया।
सुपर स्टार राजेश खन्ना के कैरियर को उंचाइयों तक पहुंचाने में आनंद बख्शी के गीतों का अहम योगदान रहा।
राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म आराधना में लिखे गाने ..मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू .. के जरिये राजेश खन्ना तो सुपर स्टार बने ही, साथ में किशोर कुमार को भी वह मुकाम हासिल हो गया जिसकी उन्हें बरसो से तलाश थी।

अराधाना की कामयाबी के बाद आर.डी.बर्मन आनंद बख्शी के चहेते संगीतकार बन गये।
इसके बाद आनंद बख्शी और आर.डी.बर्मन की जोड़ी ने एक से बढ़कर एक गीत संगीत की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आनंद बख्शी को मिले सम्मानों को देखा जाये तो उन्हें अपने गीतों के लिये 40 बार फिल्म फेयर अवार्ड के लिये नामित किया गया था लेकिन इस सम्मान से चार बार ही उन्हें नवाजा गया।
आनंद बख्शी ने अपने सिने कैरियर में दो पीढी के संगीतकारों के साथ काम किया है जिनमें एस डी बर्मन, आर डी बर्मन, चित्रगुप्त, आनंद मिलिन्द,कल्याणजी..आनंद जी, विजू शाह, रौशन और राजेश रौशन जैसे संगीतकार शामिल हैं।

फिल्म इंडस्ट्री में बतौर गीतकार स्थापित होने के बाद भी पार्श्वगायक बनने की आनंद बख्शी की हसरत हमेशा बनी रही वैसे उन्होने वर्ष 1970 में पदर्शित फिल्म में .. मैं ढूंढ रहा था सपनों में .. और .. बागों मे बहार आयी ..जैसे दो गीत गाये .जो लोकप्रिय भी हुये।
इसके साथ ही फिल्म ‘चरस’ के गीत ..आजा तेरी याद आयी कि चंद पंक्तियों और कुछ अन्य फिल्मों में भी आनंद बख्शी ने अपना स्वर दिया।
चार दशक तक फिल्मी गीतों के बेताज बादशाह रहे आनंद बख्शी ने 550 से भी ज्यादा फिल्मों में लगभग 4000 गीत लिखे।
अपने गीतों से लगभग चार दशक तक श्रोताओं को भावविभोर करने वाले गीतकार आनंद बख्शी 30 मार्च 2002 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

 

शिल्पा

शिल्पा शेट्टी ने ठुकरायी स्लिमिंग पिल के इंडोर्समेंट की 10 करोड़ की डील

मुंबई 18 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने स्लिमिंग पिल के इंडोर्समेंट की 10 करोड़ की डील ठुकरा दी है।

कुछ

कुछ कुछ होता है के रीमेक में रणवीर सिंह को लेना चाहते हैं करण जौहर!

मुंबई 18 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड फिल्मकार करण जौहर अपनी सुपरहिट फिल्म कुछ कुछ होता है के रीमेक के लिये रणवीर सिंह को लेना चाहते हैं।

अशआर

अशआर मेरे यूं तो जमाने के लिये है ..

..पुण्यतिथि 19 अगस्त  ..
मुंबई 18 अगस्त ( वार्ता ) भारतीय सिनेमा जगत में जां निसार अख्तर को एक ऐसे फिल्म गीतकार के रूप याद किया जाता है जिन्होंने अपने गीतों को आम जिंदगी से जोड़कर एक नये युग की शुरूआत की ।

भावपूर्ण

भावपूर्ण अभिनय करने में माहिर है सचिन

. .जन्मदिवस 17 अगस्त ..
मुंबई 17 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड सिनेमा में सचिन को एक ऐसे अभिनेताओं में शुमार किया जाता है जिन्होंने अपने भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनायी है।

बहुमुखी

बहुमुखी प्रतिभा से लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं गुलजार

..जन्मदिन 18 अगस्त  ..
मुबई 17 अगस्त (वार्ता) मुशायरों और महफिलों से मिली शोहरत तथा कामयाबी ने कभी मोटर मैकेनिक का काम करने वाले ..गुलजार .. को पिछले पांच दशक में फिल्म जगत का एक अजीम शायर और गीतकार बना दिया है।

इंशा

इंशा अल्लाह का ऑफर मिलने पर काफी उत्साहित हो गयी थी आलिया भट्ट

मुंबई 17 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट का कहना है कि जब उन्हें फिल्म 'इंशा अल्लाह' में काम करने का प्रस्ताव मिला था तब वह काफी उत्साहित हो गयी थी।

जादूज

जादूज मिनी थियेटर सिनेमा के क्षेत्र में नयी क्रांति : निरहुआ

पटना, 17 अगस्त (वार्ता) भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का कहना है कि जादूज मिनी थियेटर के जरिये न सिर्फ सिनेमा के क्षेत्र में नयी क्रांति आयेगी बल्कि इसके जरिये शिक्षा को भी जोड़ा जायेगा।

बाढ़

बाढ़ पीड़ितों के लिये 500 घर बनायेंगे नाना पाटेकर

मुंबई 16 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर महाराष्ट्र के बाढ़ पीड़ितो के लिये 500 घर बनाने जा रहे हैं।

बॉलीवुड

बॉलीवुड डेब्यू की तैयारी कर रही हैं सुहाना खान

मुंबई 15 अगस्त (वार्ता) बॉलीवुड के किंग खान शाहरूख खान की बेटी सुहाना खान बॉलीवुड डेब्यू के लिये तैयारी कर रही है।

उनचास

उनचास वर्ष के हुये सैफ अली खान

..जन्मदिन 16 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 16 अगस्त (वार्ता)बॉलीवुड के छोटे नवाब सैफ अली खान आज 49 वर्ष के हो गये ।

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

..जन्मदिवस 29 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 28 अगस्त(वार्ता)किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन को ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने पॉप संगीत की दुनिया को पूरी तरह बदलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है।

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

नयी दिल्ली 15 जनवरी (वार्ता) दिल्ली में भी फिल्म उद्योग स्थापित करने के मकसद से पहले डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह एवं विपणन 2019 की कल रात यहां देश-विदेश के फिल्मी जगत के लोगों की मौजूदगी में शुरूआत हुयी।

खलनायकी के बेताज बादशाह थे अमजद खान

खलनायकी के बेताज बादशाह थे अमजद खान

..पुण्यतिथि 27 जुलाई के अवसर पर .
मुंबई 26 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड की ब्लॉक बस्टर फिल्म ..शोले.. के किरदार गब्बर सिंह ने अमजद खान को फिल्म इंडस्ट्री में सशक्त पहचान दिलायी लेकिन फिल्म के निर्माण के समय गब्बर सिंह की भूमिका के लिये पहले डैनी
का नाम प्रस्तावित था।

image