Sunday, Dec 15 2019 | Time 23:31 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ अधिकारी और चालक की मौत
  • फोटो कैप्शन तीसरा सेट
  • उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने विश्व विख्यात सफेद रण को निहारा
  • अत्याधुनिक तकनीक से कानून व्यवस्था को कायम रखती है गुजरात पुलिस: वेंकैया
  • जामिया में हुई हिंसा के खिलाफ छात्रों का पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन
  • कांग्रेस ने की जामिया मिल्लिया में छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई की निंदा
  • असम और मेघालय को छोड़कर देश में नेट परीक्षा सम्पन्न
  • एबीवीपी ने राहुल गांधी का पुतला जलाया
  • ललित नारायण मिथिला विवि छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी का कब्जा बरकरार
  • उप्र में अम्बेडकरनगर और मथुरा से चार इनामी बदमाश गिरफ्तार
  • एम्स की स्थापना के लिए केन्द्रीय टीम कल करेगी स्थल निरीक्षण
  • जामिया नगर में हिंसक झड़पें, तनाव बरकरार
  • हेत्माएर और होप के शतकों से भारत ध्वस्त, विंडीज जीता
मनोरंजन » जानीमानी हस्तियों का जन्म दिन


गायक बनने की तमन्ना रखते थे आनंद बख्शी

गायक बनने की तमन्ना रखते थे आनंद बख्शी

..जन्मदिवस 21 जुलाई ..
मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) अपने सदाबहार गीतों से श्रोताओं को दीवाना बनाने वाले बालीवुड के मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लगभग चार दशक तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया लेकिन कम लोगो को पता होगा कि वह गीतकार नहीं बल्कि पार्श्वगायक बनना चाहते थे।

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में 21 जुलाई 1930 को जन्मे आनंद बख्शी को उनके रिश्तेदार प्यार से नंद या नंदू कहकर पुकारते थे।
‘बख्शी’ उनके परिवार का उपनाम था जबकि उनके परिजनों ने उनका नाम आनंद प्रकाश रखा था।
लेकिन फिल्मी दुनिया में आने के बाद आनंद बख्शी से नाम से उनकी पहचान बनी।
आनंद बख्शी बचपन से ही फिल्मों में काम करके शोहरत की बुंलदियों तक पहुंचने का सपना देखा करते थे लेकिन लोगो के मजाक उडाने के डर से उन्होंने अपनी यह मंशा कभी जाहिर नहीं की थी।
वह फिल्मी दुनिया में गायक के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते थे।

आनन्द बख्शी अपने सपने को पूरा करने के लिये 14 वर्ष की उम्र मे ही घर से भागकर फिल्म नगरी मुंबई आ गए जहां उन्होंने रॉयल इडियन नेवी मे कैडेट के तौर पर दो वर्ष तक काम किया।
किसी विवाद के कारण उन्हें वह नौकरी छोडनी पड़ी।
इसके बाद 1947 से 1956 तक उन्होंने भारतीय सेना में भी नौकरी की।
बचपन से ही मजबूत इरादे वाले आनंद बख्शी अपने सपनों को साकार करने के लिये नये जोश के साथ फिर मुंबई पहुंचे जहां उनकी मुलाकात उस जमाने के मशहूर अभिनेता भगवान दादा से हुयी।
शायद नियति को यही मंजूर था कि आनंद बख्शी गीतकार ही बने।
भगवान दादा ने उन्हें अपनी फिल्म ‘भला आदमी’ में गीतकार के रूप में काम करने का मौका दिया।
इस फिल्म के जरिये वह पहचान बनाने में भले ही सफल नहीं हो पाये लेकिन एक गीतकार के रूप में उनके सिने कैरियर का सफर शुरू हो गया।

अपने वजूद को तलाशते आनंद बख्शी को लगभग सात वर्ष तक फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष करना पडा।
वर्ष 1965 में ‘जब जब फूल खिले’ प्रदर्शित हुयी तो उन्हे उनके गाने ..परदेसियों से न अंखियां मिलाना.. ..ये समां.. समां है ये प्यार का.. एक था गुल और एक थी बुलबुल..सुपरहिट रहे और गीतकार के रूप में उनकी पहचान बन गई।
इसी वर्ष फिल्म ‘हिमालय’ की गोद में’ उनके गीत ..चांद सी महबूबा हो मेरी कब ऐसा मैंने सोंचा था.. को भी लोगो ने काफी पसंद किया।

वर्ष 1967 में प्रदर्शित सुनील दत्त और नूतन अभिनीत फिल्म ‘मिलन’ के गाने ..सावन का महीना पवन कर शोर..युग युग तक हम गीत मिलन के गाते रहेंगे..राम करे ऐसा हो जाये..जैसे सदाबहार गानों के जरिये उन्होंने गीतकार के रूप में नयी ऊंचाइयों को छू लिया।
सुपर स्टार राजेश खन्ना के कैरियर को उंचाइयों तक पहुंचाने में आनंद बख्शी के गीतों का अहम योगदान रहा।
राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म आराधना में लिखे गाने ..मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू .. के जरिये राजेश खन्ना तो सुपर स्टार बने ही, साथ में किशोर कुमार को भी वह मुकाम हासिल हो गया जिसकी उन्हें बरसो से तलाश थी।

अराधाना की कामयाबी के बाद आर.डी.बर्मन आनंद बख्शी के चहेते संगीतकार बन गये।
इसके बाद आनंद बख्शी और आर.डी.बर्मन की जोड़ी ने एक से बढ़कर एक गीत संगीत की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आनंद बख्शी को मिले सम्मानों को देखा जाये तो उन्हें अपने गीतों के लिये 40 बार फिल्म फेयर अवार्ड के लिये नामित किया गया था लेकिन इस सम्मान से चार बार ही उन्हें नवाजा गया।
आनंद बख्शी ने अपने सिने कैरियर में दो पीढी के संगीतकारों के साथ काम किया है जिनमें एस डी बर्मन, आर डी बर्मन, चित्रगुप्त, आनंद मिलिन्द,कल्याणजी..आनंद जी, विजू शाह, रौशन और राजेश रौशन जैसे संगीतकार शामिल हैं।

फिल्म इंडस्ट्री में बतौर गीतकार स्थापित होने के बाद भी पार्श्वगायक बनने की आनंद बख्शी की हसरत हमेशा बनी रही वैसे उन्होने वर्ष 1970 में पदर्शित फिल्म में .. मैं ढूंढ रहा था सपनों में .. और .. बागों मे बहार आयी ..जैसे दो गीत गाये .जो लोकप्रिय भी हुये।
इसके साथ ही फिल्म ‘चरस’ के गीत ..आजा तेरी याद आयी कि चंद पंक्तियों और कुछ अन्य फिल्मों में भी आनंद बख्शी ने अपना स्वर दिया।
चार दशक तक फिल्मी गीतों के बेताज बादशाह रहे आनंद बख्शी ने 550 से भी ज्यादा फिल्मों में लगभग 4000 गीत लिखे।
अपने गीतों से लगभग चार दशक तक श्रोताओं को भावविभोर करने वाले गीतकार आनंद बख्शी 30 मार्च 2002 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

 

सैफ

सैफ की बेटी का किरदार निभायेंगी अनन्या पांडे!

मुंबई 15 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे सिल्वर स्क्रीन पर सैफ अली खान की बेटी का किरदार निभाती नजर आ सकती हैं।

राधे

राधे के लिए सलमान खान ने बनाए 15 कड़े नियम

मुंबई 15 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान ने अपनी आने वाली फिल्म ‘राधे’ के 15 कड़े नियम बनाये हैं।

सलमान

सलमान ने दबंग-3 के 7 साल में बनने की बताई वजह

मुंबई 15 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान ने दबंग-3 के सात साल में बनने की वजह बतायी है।

ललित

ललित तिवारी फिल्म पृथ्वीराज चौहान की शूटिंग में व्यस्त

हल्द्वानी 15 दिसंबर (वार्ता) दूरदर्शन में प्रसारित होने वाले धारावाहिक महाभारत में संजय के पात्र से लोकप्रियता हासिल करने वाले ललित तिवारी आजकल अपनी दूसरी कमर्शियल फिल्म पृथ्वीराज चौहान की शूटिंग में व्यस्त हैं।

लाल

लाल सिंह चड्ढा के संगीत से खुश हैं आमिर

मुंबई 14 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अपनी आने वाली फिल्म लाल सिंह चड्ढा के संगीत से बेहद खुश हैं।

दी‍पिका

दी‍पिका ने छपाक के लिये लगवाया प्रोस्थेटिक्स

मुंबई 12 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड की डिंपल गर्ल दीपिका पादुकोण ने अपनी आने वाली फिल्म छपाक के लिये जब प्रोस्थेटिक्स मेकअप लगवाया तब वह खुद को देखकर दंग रह गयी।

युवा

युवा पीढ़ी के कलाकारों से तुलना गलत : करीना

मुंबई 14 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान का कहना है कि युवा पीढ़ी के कलाकारों से उनकी तुलना करना गलत है।

स्मिता

स्मिता पाटिल ने समानांतर फिल्मों को नया आयाम दिया

.. पुण्यतिथि 13 दिसंबर  ..
मुंबई 12 दिसंबर (वार्ता) भारतीय सिनेमा के नभमंडल में स्मिता पाटिल ऐसे ध्रुवतारे की तरह है जिन्होंने अपने सशक्त अभिनय से समानांतर सिनेमा के साथ-साथ व्यावसायिक सिनेमा में भी दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनायी ।

आदित्य

आदित्य ने पहली बार कर दिया था रिजेक्ट : अर्जुन

मुंबई 14 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर का कहना है कि फिल्मकार आदित्य चोपड़ा ने उनकी तस्वीर देखकर उन्हें रिजेक्ट कर दिया था।

किच्चा

किच्चा सुदीप के साथ बेंगलुरु में दबंग 3 का प्रमोशन करेंगे सलमान खान

मुंबई 10 दिसंबर (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान अपनी आने वाली फिल्म ‘दबंग 3’ का प्रमोशन किच्चा सुदीप के साथ बेंगलुरु में करेंगे।

ललित तिवारी फिल्म पृथ्वीराज चौहान की शूटिंग में व्यस्त

ललित तिवारी फिल्म पृथ्वीराज चौहान की शूटिंग में व्यस्त

हल्द्वानी 15 दिसंबर (वार्ता) दूरदर्शन में प्रसारित होने वाले धारावाहिक महाभारत में संजय के पात्र से लोकप्रियता हासिल करने वाले ललित तिवारी आजकल अपनी दूसरी कमर्शियल फिल्म पृथ्वीराज चौहान की शूटिंग में व्यस्त हैं।

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

नयी दिल्ली 15 जनवरी (वार्ता) दिल्ली में भी फिल्म उद्योग स्थापित करने के मकसद से पहले डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह एवं विपणन 2019 की कल रात यहां देश-विदेश के फिल्मी जगत के लोगों की मौजूदगी में शुरूआत हुयी।

स्मिता पाटिल ने समानांतर फिल्मों को नया आयाम दिया

स्मिता पाटिल ने समानांतर फिल्मों को नया आयाम दिया

.. पुण्यतिथि 13 दिसंबर  ..
मुंबई 12 दिसंबर (वार्ता) भारतीय सिनेमा के नभमंडल में स्मिता पाटिल ऐसे ध्रुवतारे की तरह है जिन्होंने अपने सशक्त अभिनय से समानांतर सिनेमा के साथ-साथ व्यावसायिक सिनेमा में भी दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनायी ।

समानांतर सिनेमा को पहचान दिलायी श्याम बेनेगल ने

समानांतर सिनेमा को पहचान दिलायी श्याम बेनेगल ने

..जन्मदिवस 14 दिसंबर के अवसर पर..
मुंबई 14 दिसंबर (वार्ता) भारतीय सिनेमा जगत में श्याम बेनेगल का नाम एक ऐसे फिल्मकार के रूप में शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ सामानांतर सिनेमा को पहचान दिलायी बल्कि स्मिता पाटिल, शबाना आजमी और नसीरउद्दीन साह समेत कई सितारों को स्थापित किया।

image