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खंडवा जिले की चारों विधानसभाओं पर भाजपा का कब्ज़ा

खंडवा जिले की चारों विधानसभाओं पर भाजपा का कब्ज़ा

खंडवा, 03 दिसंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है और सभी सीटों पर अपना कब्ज़ा बरक़रार रखा है। यहां सबसे बड़ी जीत हरसूद विधानसभा क्षेत्र से मंत्री विजय शाह की रही, जो यहां से लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए है। इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को साठ हज़ार वोटों के बहुत बड़े अंतर से पराजित किया।

इसी तरह खंडवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की कंचन तनवे ने कांग्रेस के कुन्दन मालवीय को 37 हज़ार 930 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। यहां भाजपा ने अपने तीन बार से विधायक रहे देवेन्द्र वर्मा का टिकट काटकर कंचन तनवे को अपना प्रत्याशी बनाया था, जो हाल ही में खुद के दम पर जिला पंचायत की अध्यक्ष चुनी गई थी। पार्टी का आंकलन था कि तीन बार के विधायक रहे देवेन्द्र वर्मा के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए यहां उसना फेरबदल कर नया चेहरा दिया जिसका लाभ भी भाजपा को मिला।

पंधाना में भाजपा की छाया मोरे ने कांग्रेस की रुपाली बारे को 28 हज़ार 984 मतों के अंतर से पराजित किया। यहां कांग्रेस को अपनी जीत की बड़ी उम्मीदें थी। शुरूआती दो राऊंड में यहां कांग्रेस ने 1704 मतों की बढ़त ली थी, लेकिन जैसे जैसे अलग अलग राउंड की मतगणना बढ़ती रही छाया मोरे ने एकतरफा बढ़त बनाई और अपनी जीत सुनिश्चित की। यहां गौरतलब है कि भाजपा ने यहां अपने सिटिंग विधायक राम दांगोरे का टिकट काटकर कुछ समय पूर्व ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई छाया मोरे को टिकट दिया था। पिछले विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर परास्त हुई थी जबकि इस बार भाजपा का साथ उन्हें फलीभूत हुआ है।

इधर, मान्धाता में भाजपा के नारायण पटेल को सबसे छोटी मात्र 774 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई। यहां कांग्रेस के उत्तमपाल सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर दी। यहां उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा उपचुनाव में यही जोड़ी आमने-सामने थी तब भाजपा की जीत का अंतर 22 हजार मतों से ज़्यादा का था। नारायण पटेल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ही प्रत्याशी बनकर चुनाव जीते थे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल होकर उपचुनाव में फिर भाजपा से विधायक बने थे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने चारों को निर्वाचित घोषित कर उन्हें निर्वाचन के प्रमाणपत्र भी सौंपे। इसके बाद क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के साथ विजयी प्रत्याशियों का भव्य विजय जुलुस शहर के प्रमुख मार्गो से निकला। इस प्रचंड जीत से भाजपा में जहां जश्न का माहौल है वही कांग्रेस में गहरी मायूसी छाई है।

सं बघेल

वार्ता

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