Sunday, Sep 23 2018 | Time 07:02 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • उ कोरिया को ईंधन देने वालों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा : अमेरिका
  • साेमालिया में दो कार बम विस्फोट, दो घायल
  • तंजानिया नौका हादसे में मृतकों की संख्या 218 हुई
  • नन से दुष्कर्म के आरोपी बिशप की जमानत याचिका खारिज
  • सैन्य परेड पर हमले में अमेरिकी सहयोगियों का हाथ : खोमैनी
  • अमेरिकी सेना का 18 आतंकवादियों को मारने का दावा
भारत Share

भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति ने वाजपेयी के निधन पर शोक जताया

भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति ने वाजपेयी के निधन पर शोक जताया

नयी दिल्ली 08 सितंबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी के संस्थापक अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आज कहा कि देश ने मूल्यनिष्ठ राजनीति के आधार पर सुशासन की अवधारणा को फलीभूत करनेवाला एक युगद्रष्टा खोया है।

भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में श्री वाजपेयी के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया, “भाजपा पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और राष्ट्र के सर्वप्रिय नेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करती है। अटल जी के निधन से हम सभी ने इस देश में मूल्यनिष्ठ राजनीति के आधार पर सुशासन की अवधारणा को फलीभूत करनेवाले एक युगद्रष्टा को खोया है।”

चार पृष्ठ के इस प्रस्ताव में कहा गया, “भाजपा की यह राष्ट्रीय कार्यसमिति दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संकल्प करते हैं कि हम सभी उनके दिखाए मार्ग पर अथक चलते रहेंगे और देश में सुशासन और विकास की राजनीति को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे।”

प्रस्ताव में कहा गया कि स्वाधीन भारत के राजनीतिक इतिहास में अटलजी ने अपनी निष्ठा, और अपने आदर्शवादी सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए परिश्रम की पराकाष्ठा तक जाकर एक ऐसा विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प खड़ा किया, जो राजनीति के माध्यम से जन आकांक्षाओं की पूर्ति में सफल सिद्ध हुआ है। पार्टी के उदयकाल में उन्हें कई मोर्चों पर एक साथ संघर्ष करना पड़ा। अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में उन्होंने संघर्ष भरे अनेक दौर का सामना किया। राजनीतिक अस्पृश्यता, संसाधनों का अभाव, संगठन खड़ा करने और उसका विस्तार करने में अनगिनत बाधाओं से जूझते हुए उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को एक विशिष्ट पहचान दी।

प्रस्ताव में कहा गया कि अटलजी एक ही समय बौद्धिक और सांगठनिक, दोनों ही कार्यों को निर्बाध रूप से सहज भाव में करने वाले विरले नेताओ में से एक थे। उनका व्यक्तित्व बहु-आयामी था। एक प्रखर विचारक, प्रतिभाशाली कवि, सिद्धहस्त लेखक और पत्रकार, ओजस्वी वक़्ता और श्रेष्ठ सांसद होते हुए अटलजी जनप्रिय नेता एवं दूरदर्शी तथा शासन के सफल नेतृत्वकर्ता भी बने। उन्होंने राजनीति में विचारधारा के महत्व को और अधिक मजबूत किया।

प्रधानमंत्री के नाते उन्होंने लोकहितों के प्रति निष्ठा और संवेदनशीलता का परिचय दिया तथा विपक्ष में रहते हुए एक आदर्श विपक्षी नेता का उदाहरण भी बने। संसद में और संसद के बाहर भी उन्होंने अपनी कार्यशैली से राजनीति की गरिमा को बढ़ाया और लोकतंत्र के प्रति विश्वास को मज़बूत किया| देश में गठबंधन की राजनीति की सफलता उन्होंने स्थापित की और ‘गठबंधन धर्म’ का नया उदाहरण प्रस्तुत किया|

प्रस्ताव में श्री वाजपेयी के गुणों अनगिनत कार्याें एवं उपलब्धियों का उल्लेख किया गया और कहा गया कि अटलजी के निधन से सभी प्रदेशों ने एक शासन की नीतियों को समझाने वाला एक सच्चा मार्गदर्शक खोया है। उन्होंने शासन के नेतृत्वकर्ता और पार्टी नेता, दोनों भूमिकाओं को न केवल कुशलतापूर्वक निभाया बल्कि कुछ आदर्श भी स्थापित किए। उनके कार्य आज भी राष्ट्रीय राजनीति और शासन की कार्यपद्धति पर अपनी अमिट छाप की तरह हैं ।

More News
राफेल सौदे पर गलतबयानी कर रहे राहुल: अकबर

राफेल सौदे पर गलतबयानी कर रहे राहुल: अकबर

22 Sep 2018 | 10:22 PM

नयी दिल्ली 22 सितम्बर(वार्ता) भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) नेता एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की यह कहते हुए खिंचायी की कि वह राफेल सौदे पर गलतबयानी कर रहे हैं और इसे दोहरा भी रहे हैं।

 Sharesee more..
चर्चा, बहस, असहमति लोकतंत्र के जरूरी पहलू : प्रणव

चर्चा, बहस, असहमति लोकतंत्र के जरूरी पहलू : प्रणव

22 Sep 2018 | 10:13 PM

नयी दिल्ली 22 सितम्बर (वार्ता) पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि चर्चा, बहस और असहमति लोकतंत्र के आवश्यक पहलू हैं।

 Sharesee more..
सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ पर ‘पराक्रम पर्व ’

सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ पर ‘पराक्रम पर्व ’

22 Sep 2018 | 9:58 PM

नयी दिल्ली 22 सितम्बर (वार्ता) सरकार जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवादी ठिकानों पर सेना की सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर देश भर में तीन दिन का ‘पराक्रम पर्व’ मनायेगी।

 Sharesee more..
‘भूटान के साथ आर्थिक सहयोग सशक्त बनाने को प्रतिबद्ध भारत’

‘भूटान के साथ आर्थिक सहयोग सशक्त बनाने को प्रतिबद्ध भारत’

22 Sep 2018 | 9:51 PM

नयी दिल्ली, 22 सितम्बर (वार्ता) भारत ने भूटान के साथ जारी आर्थिक सहयोग को और सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जतायी है, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को उनसे मिलने राष्ट्रपति भवन आयी भूटान की रानी मां का स्वागत करते हुए कहा कि भारत पड़ोसी देश भूटान के साथ जारी आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने को लेकर कटिबद्ध है।

 Sharesee more..
image