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राम की नगरी में भाजपा की हार

राम की नगरी में भाजपा की हार

अयोध्या, 4 जून (वार्ता) मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

जिले के फैजाबाद संसदीय क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रत्याशी लल्लू सिंह को समाजवादी पार्टी (सपा) के इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी एवं विधायक अवधेश प्रसाद ने 56 हजार से अधिक मतों से हराया है।

भगवान राम की नगरी में भव्य मंदिर के निर्माण के बाद हो रहे लोकसभा चुनाव में देश दुनिया के करोड़ो रामभक्ताें की निगाहें टिकी हुयी थीं। आज सुबह मतगणना शुरु होने के साथ भाजपा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही थी लेकिन अप्रत्याशित रुप से सपा उम्मीदवार अवधेश प्रसाद भाजपा के लल्लू सिंह से लगातार बढ़त लेते दिखायी पड़े। शुरुआती चक्र की मतगणना में कुछ समय के लिये उतार चढाव आया लेकिन दिन ढलने के साथ सपा की उम्मीदें हिलोंरे मारने लगी जो अंतत: जीत के रुप में खुशियां लेकर साथ आयीं।

सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद उत्तर प्रदेश में नौ बार विधायक और छह बार कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजे जा चुके हैं। वर्तमान में अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा से विधायक है, वहीं भाजपा प्रत्याशी व वर्तमान सांसद लल्लू सिंह पांच बार के विधायक और मंत्री तथा दो बार के सांसद के साथ तीसरी बार सांसद के लिये चुनाव लड़ा था।

यह चुनाव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी से जुड़ा हुआ है, क्योंकि भव्य और दिव्य श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर भाजपा के शासन में तैयार हो गया, लेकिन इस बार मंदिर चुनाव का मुद्दा नहीं रहा, जबकि पिछले दस वर्षों में अयोध्या में दिव्य और भव्य मंदिर का मुद्दा बना रहा। इसी मुद्दे पर भाजपा ने दस वर्ष केन्द्र में सरकार बनायी।

फैजाबाद लोकसभा चुनाव में करीब 11 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इस बार अयोध्या में मंदिर मुद्दा नहीं रहा बल्कि अयोध्या का इतना विकास करने के बाद भी यहां पर कमल न खिलना निराशाजनक है। भाजपा समर्थकों के बीच चर्चा है कि अयोध्यावासी भरत और सीता के नहीं हुए तो लल्लू के क्या होंगे।

अयोध्या से भाजपा का चुनाव हारना स्थानीय मुद्दा है, क्योंकि अयोध्या और फैजाबाद के जुड़वा शहर में सडक़ों का चौड़ीकरण होने से लोगों का घर आधे से ज्यादा सरकार ने ले लिया, लेकिन मुआवजा भी दिया, तब पर भी जनता को यह विकास पसन्द नहीं आया। यहां की जनता चाह रही थी कि नव्य अयोध्या अर्थात् नया अयोध्या बनाया जाय और पुराने अयोध्या को ज्यों का त्यों रहने दिया जाय। यहां की जनता ने यह भी उदाहरण दिया था कि जैसे दिल्ली में पुरानी दिल्ली व नई दिल्ली बना हुआ है, परन्तु इसको भी सरकार ने नहीं सुना। मतगणना शुरू होते ही भाजपा व सपा में वोटों का टक्कर जारी रहा परन्तु हमेशा सपा भारी पड़ी और अंत में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अवधेश प्रसाद को 49233 मतों से आगे रहे। अवधेश प्रसाद को पांच लाख पांच हजार 191 और भाजपा के लल्लू सिंह चार लाख 55 हजार 958 मत मिले। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सच्चिदानंद 40 हजार 664 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लल्लू सिंह ने अपने प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के आनन्द सेन को 53393 मतों से परास्त किया था, जो इस बार एकदम उल्टा साबित हुआ है। वर्ष 2019 में राम मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था, जबकि पांच नवम्बर 2020 में राम मंदिर का निर्माण हुआ और 21 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई।

सं प्रदीप

वार्ता

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