Thursday, Feb 27 2020 | Time 16:08 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • सेंसेक्स 143 अंक टूटा, निफ्टी भी 45 अंक की गिरावट में
  • छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष के नेता एवं आईएएस अफसरो के यहां आयकर का छापा
  • अनियमितता मिलने पर कोटा में चार ई-मित्र कियोस्कों को किया बंद
  • अरावली को वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित किया जाए : कुमारी सैलजा
  • करीब साढ़े तीन हजार माध्यमिक विद्यालयों में पढाया जा रहा है कंप्यूटर विज्ञान विषय -डोटासरा
  • न्यूज़ीलैंड पर रोमांचक जीत से भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में
  • उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में केंद्र सरकार बनी पक्षकार, अगली सुनवाई 13 अप्रैल को
  • हिंसा प्रभावित इलाकों में सीबीएसई की परीक्षा 28 और 29 को भी स्थगित
  • जदयू में शामिल हुईं भाकपा नेता शालिनी मिश्रा
  • केन्द्र सरकार की रोक के कारण नये जिलों का गठन नहीं-चौधरी
  • अमित शाह 28 फरवरी को करेंगे 24वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता
  • 253000 पेंशनभोगियों का पेंशन पुनरीक्षण 31 मार्च तक
  • राजद सदस्यों के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित
  • मंदिर की संपत्तियों के लिए नयी किराया नीति शीघ्र-सिंह
  • बस हादसा एक्सल टूटने से होना प्रतीत-धारीवाल
राज्य » अन्य राज्य


भाजपा एनआरसी को विफल करना चाहती है: गोगोई

भाजपा एनआरसी को विफल करना चाहती है: गोगोई

गुवाहाटी 01 सितंबर (वार्ता) असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) अद्यतन एवं अंतिम सूची प्रकाशित होने के एक दिन बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी इस मसले को विफल करना चाहती है, ताकि विदेशी मूल के मुद्दे को जिंदा रखकर उसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।

श्री गोगोई ने कहा, “राज्य सरकार एनआरसी को विफल करना चाहती है। भाजपा आंतरिक रूप से एनआरसी को विफल करना चाहती है, ताकि विदेशी मूल के मुद्दे को जिंदा रखा जा सके।”

राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रहे श्री गोगोई ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत साइकिया के साथ आज यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि जिन लोगों का नाम एनआरसी में नहीं शामिल है, उनके पास इस सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए विदेशी न्यायाधिरण में अपील करने का क्या प्रावधान है। उन्होंने कहा, “भाजपा नीत राज्य सरकार बार-बार कह रही है कि जिन लोगों का नाम एनआरसी सूची में नहीं है, वे विदेशी नहीं हैं। यदि वे लोग विदेश नहीं है, तो उन्हें विदेशी न्यायाधिकरम में क्यों अपील करनी चाहिए?”

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, “भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास एनआरसी को खारिज कर चुके हैं, राज्य के मंत्री हिमंता विश्व शर्मा इसकी पुनर्सत्यापन की मांग कर चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि वह एनआरसी की अंतिम सूची को स्वीकार कर रहे हैं या अस्वीकार कर रहे हैं।”



उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य में विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाने वाले प्रफुल्ल कुमार महंत पर भी हमला किया। उन्होंने कहा, “श्री महंत ने कहा था कि राज्य में 40 से 50 लाख अवैध विदेशी है और अब वह कह रहे हैं कि वह एनआरसी की अंतिम सूची से संतुष्ट हैं।

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोरा ने कहा कि जिन लोगों का नाम एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है, उन्हें इसके लिए कारण बताना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि असम में एनआरसी की अंतिम एवं अद्यतन सूची शनिवार को प्रकाशित हुई थी, जिसमें 3.11 करोड़ लोगों के नाम है, जबकि 19 लाख लोगों के नाम इसमें शामिल नहीं है।

संतोष जितेन्द्र

वार्ता

More News
पूर्व मंत्री एवं द्रमुक विधायक केपीपी सामी का निधन

पूर्व मंत्री एवं द्रमुक विधायक केपीपी सामी का निधन

27 Feb 2020 | 12:57 PM

चेन्नई 27 फरवरी (वार्ता) तमिलनाडु के पूर्व मत्स्यिकी मंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के विधायक केपीपी सामी का गुरुवार सुबह यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 57 वर्ष के थे।

see more..
image