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भारत की आर्थिक रणनीति को मजबूत करने वाला बजट: उद्योग

भारत की आर्थिक रणनीति को मजबूत करने वाला बजट: उद्योग

नयी दिल्ली 01 फरवरी (वार्ता) उद्योग जगत ने नए वित्त वर्ष के लिए पेश बजट को भारत की विश्व स्तर पर प्रशंसित आर्थिक रणनीति को मजबूत करने वाला बताया और कहा कि यह अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने में समर्थ होगा।

उद्योग परिसंघ सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वार गुरुवार को संसद में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए पेश अंतरिम बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट पूंजीगत व्यय संचालित विकास को प्राथमिकता देने वाली देश की आर्थिक रणनीति को मजबूत करने और उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने वाला है। इस रणनीति के कारण भारत धीमी वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच एक सुदृढ़ स्पॉट बन गया है।

उन्होंने कहा कि सीआईआई ने पूंजीगत व्यय पर निरंतर जोर देने का सुझाव दिया था, जिसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पूंजीगत व्यय के लिए 11.1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का स्वागत करते हुए कहा कि यह पिछले वित्त वर्ष के लिए आवंटित पूंजीगत व्यय से 11.1 प्रतिशत अधिक है। अंतरिम बजट में राज्य पूंजीगत व्यय पर जोर जारी है, जिसमें राज्य पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 1.3 लाख करोड़ रुपये का आवंटन और राज्य स्तर के सुधारों से जुड़े 75,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।

उद्योग एवं वाणिज्य संगठन फिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनीश शाह ने कहा कि अंतरिम बजट विकसित भारत की दिशा में एक स्पष्ट और परिणाम-आधारित कदम है। यह वर्तमान निवेश दर और राजकोषीय अनुशासन के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बनाए रखते हुए विकास, जलवायु और सामाजिक सशक्तिकरण को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा, “बजट में ब्लू इकोनॉमी पर ध्यान केंद्रित करना, ईवी पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार और मजबूती, घरेलू पर्यटन और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित दृष्टिकोण की ओर प्रेरित करेगा।”

वाणिज्य एवं उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष अजय सिंह ने वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट को निवेश के लिए समावेशी और उत्प्रेरक बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा भारत को 'विकसित भारत' बनाने के लिए एक रोडमैप पेश करने का दावा, देश को आगे ले जाने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। यह एक आश्वस्त सरकार का आश्वस्त बजट है, जो यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य पर केंद्रित है कि भारत वर्ष 2025 तक पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाए।

उन्होंने कहा, “मैं सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए वित्त मंत्री की सराहना करता हूं। मैं विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के खर्च में वृद्धि की सराहना करता हूं जिसका हमारी अर्थव्यवस्था पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा। मैं रेलवे गलियारों, अनुसंधान और विकास और स्टार्टअप क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ के फंड की सराहना करता हूं। यह बजट नीति बनाने की सतत प्रक्रिया का हिस्सा है, जो भारत और भारतीयों के लिए बड़े पैमाने पर अवसर प्रदान करेगा।”

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मांग बनाए रखने, निवेश प्रेरित करने वाला और विकासोन्मुख केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि मजबूत सरकारी समर्थन और विवेकपूर्ण सुधारों को देखते हुए बजट ग्रामीण मांग को बढ़ावा देगा। ग्रामीण आवास पर ध्यान, डेयरी किसानों को समर्थन देने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम तैयार करना, 'अन्नदाता' (किसानों) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्यों में समय-समय पर वृद्धि, गरीबों और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करने से ग्रामीण मांग और खपत को बढ़ावा मिलेगा।

निर्यात संगठनों के परिसंघ फीओ के अध्यक्ष इसरार अहमद ने अंतरिम बजट 2024-25 की सराहना करते हुए कहा कि बजट ने सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहने के उद्देश्य से डिजिटल और पर्यावरण सहित आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश और देश की मदद के लिए सभी के अवसरों पर फोकस करके अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता पर ध्यान केंद्रित किया है। अंतरिम बजट ने अर्थव्यवस्था के विकास मंत्र के लिए सरकार के दृष्टिकोण के बारे में एक रोडमैप तैयार किया है। बजट सभी तरह के बुनियादी ढांचे के जन-केंद्रित समावेशी विकास, कर आधार को गहरा करने, वित्तीय क्षेत्र और निवेश को मजबूत करने, मुद्रास्फीति प्रबंधन और देश भर से समग्र आर्थिक विकास की बात करता है।

उन्होंने कहा कि फीओ अनुसंधान एवं विकास और नवाचार के लिए एक लाख करोड़ रुपये के आवंटन का स्वागत करता है। यह निजी क्षेत्र को व्यापार और उद्योग के उभरते क्षेत्रों में अपने अनुसंधान और नवाचार को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि 11.1 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊंचे पूंजीगत व्यय से विभिन्न परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले देश के बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ऑटोमोबाइल कंपनियों के संगठन सियाम के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि विनिर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे का समर्थन करके इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की घोषणा से देश में ईवी के विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के लिए ई-बसों को अपनाने के लिए भुगतान सुरक्षा तंत्र को प्रोत्साहित करना भी एक स्वागतयोग्य कदम है।

सेल्यूलर ऑपरेटरों के संघ सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एस. पी. कोचर ने कहा कि अंतरिम बजट में देश में समुद्र के भीतर केबल बिछाने में लगे वैसेल्स को दी गई सीमा शुल्क छूट का 30 सितंबर 2024 तक विस्तार किया गया, जो 31 मार्च 2024 को समाप्त हो रही थी। दूरसंचार कंपनियां दुनिया भर में डेटा के हाईस्पीड ट्रांसफर के लिए समुद्र के भीतर बिछाई गई केबल पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं और इस कदम से अनुपालन में मदद मिलेगी। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ रुपये की निधि की घोषणा एक सकारात्मक कदम है क्योंकि पूंजी तक पहुंच, नवप्रवर्तन और वृद्धि को सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। दीर्घकालीन ब्याज मुक्त या कम ब्याज दर पर ऋण और गहन प्रौद्योगिकी पर जोर दिए जाने से निजी क्षेत्र को अनुसंधान और नवप्रवर्तन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित मिलेगा।

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव के बाद पूर्ण बजट में नियामकीय शुल्कों को घटाने के उद्योग के सुझावों पर विचार किया जाएगा और सरकार द्वारा मुद्दों का समाधान किया जाएगा। इनमें लाइसेंस शुल्क, मौजूदा कोष खत्म होने तक यूएसओएफ अंशदान टालने, दूरसंचार उपकरण पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) से छूट, नियामकीय भुगतानों पर जीएसटी खत्म करना और आईटीसी रिफंड जैसे मुद्दे शामिल हैं।”

भारतीय इस्पात संघ के अध्यक्ष दिलीप ओमन ने कहा कि राजकोषीय विवेक पर केंद्रित यह अंतरिम बजट एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे कुल परिव्यय 11.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, वित्त वर्ष 2024 में संभावित खर्च पर नजर डालें तो यह करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये होगा तो वास्तविक रूप से वृद्धि लगभग 17 प्रतिशत होगी। इससे घरेलू इस्पात की मांग मजबूत होगी, निजी निवेश बढ़ेगा और रोजगार सृजन होगा। अभूतपूर्व गति से सभी प्रकार के बुनियादी ढांचे जैसे डिजिटल, सामाजिक और भौतिक के निर्माण पर जोर आशाजनक है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटा लक्ष्य 5.1 प्रतिशत और निरंतर राजकोषीय समझदारी वास्तव में प्रशंसनीय है।

इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि "वित्तमंत्री द्वारा आज बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने की घोषणा एक स्वागतयोग्य कदम है, जिसका देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा। पीएम गति शक्ति योजना के तहत तीन आर्थिक रेलवे गलियारे विकसित करने के प्रस्ताव के साथ-साथ ग्रामीण आवास का निरंतर विस्तार अन्य महत्वपूर्ण कदम हैं, जो इस्पात की मांग को बढ़ावा देंगे। इससे नौकरियां पैदा होगी, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा। यह देखकर खुशी होती है कि सरकार 'विकसित भारत' में योगदान देने वाले हर क्षेत्र पर जोर दे रही है। अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए परिकल्पित वित्तीय सहायता एक उत्साहजनक पहल है, जो युवाओं की आकांक्षाओं को पोषित करने में मदद करेगी।”

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा, “यह बजट समग्र विकास के लिए सरकार की प्रगतिशील दृष्टि को रेखांकित करता है। यह संतुलित, सुधारोन्मुखी और दूरदर्शी है। इसने अर्थव्यवस्था की वृद्धि और उस समय के भू-राजनीतिक विचार दोनों का ध्यान रखा है। अंतरिम बजट 2024 ने भारतीय अर्थव्यवस्था को निवेश और विकास के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में लाने के लिए समय-सीमा के साथ रोडमैप को भी सफलतापूर्वक रेखांकित किया है।”

फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय राणा ने कहा, “हम सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, तिल और सूरजमुखी जैसे तिलहन फसलों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर केंद्रित रणनीति के साथ 'आत्मनिर्भर तिलहन अभियान' की वित्तमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हैं। यह एक सामयिक और प्रभावी कदम है, जो इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की हमारी आकांक्षाओं को बढ़ाएगा। ऐसे समय में जब भारत विश्व गुरू बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, यह महत्वपूर्ण है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रौद्योगिकियों को अपनाएं। बीज उद्योग अधिक उपज देने वाली किस्मों के बीजों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ बाजार संपर्कता, खरीद, मूल्य संवर्धन और फसल बीमा पर केंद्र सरकार के फोकस की सराहना करता है।” उन्होंने कहा कि 50 वर्षों के लिए कम या शून्य ब्याज के साथ एक लाख करोड़ रुपये के शोध एवं विकास (आरएंडडी) कोष का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान' दृष्टिकोण पर आधारित एक दूरदर्शितापूर्ण कदम है।

गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बलराम सिंह यादव ने कहा, 'अंतरिम बजट 2024-25 हमारे 'अन्नदाता' और देश की रीढ़ समझे जाने वाले किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है। पीएम-किसान सम्मान योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता से लेकर किसान-केंद्रित नीतियों का विस्तार और नवाचारों को बढ़ावा देने तक, यह बजट कृषि क्षेत्र में समावेशी, सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है। ई-एनएएम और पीएमएमएसवाई जैसी पहलों से किसानों को बेहतर बाजार पहुंच और बुनियादी ढांचे का लाभ मिल रहा है।वहीं, नैनो-डीएपी को अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने से लगातार बदलते मौसम की स्थिति के बीच किसानों को सहारा देने की सरकार की मंशा भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। तिलहनी फसलों में 'आत्मनिर्भरता' के लक्ष्य को हासिल करने के साथ ही दूध की पैदावार बढ़ाने और जलीय कृषि उत्पादकता में सुधार के प्रस्ताव से विभिन्न कृषि क्षेत्रों (डाइवर्स एग्रीकल्चरल फील्ड्स) और फूड सिक्योरिटी (खाद्य सुरक्षा) के साथ भावी पीढ़ी की आजीविका के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

ओडिसी इलेक्ट्रिक वाहन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेमिन वोरा ने कहा कि एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माता के रूप में हम बजट में विनिर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे द्वारा समर्थित ई-वाहन पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार पर रणनीतिक फोकस की सराहना करते हैं। संवर्द्धन, अनुसंधान और नवाचार के लिए बजट की प्रतिबद्धता, पचास साल के ब्याज मुक्त ऋण के साथ एक लाख करोड़ रुपये का कोष हमारे तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए एक स्वर्ण युग का प्रतीक है।

एलआईसी एचएफएल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि विशेष योजना की घोषणा आवास चुनौतियों को व्यापक रूप से संबोधित करने के लिए एक सराहनीय कदम है, खासकर मध्यम वर्ग के लिए जिनके पास अपना घर नहीं है। इस खंड के लिए परिकल्पित योजना के तहत घर के स्वामित्व की सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता किफायती आवास विकल्प प्रदान करने के महत्व को रेखांकित करती है जो सभी के लिए घर के स्वामित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 2 करोड़ नए घरों जैसी पहल के माध्यम से समर्थन का विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण गतिविधियों को बनाए रखेगा, जिससे सामाजिक-आर्थिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. एल. जैन ने कहा कि सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे पर है, जिसमें पर्यटन के लिए परियोजनाएं और विस्तार शामिल हैं। अधिक शहरों में मेट्रो रेल, नमो भारत और ईवी विनिर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए समर्थन देश के विकासात्मक लक्ष्यों के अनुरूप है।

पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ज्वाइंट ग्रुप) सरबवीर सिंह ने कहा कि अंतरिम बजट 2024 की योजनाएं भारत को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। 2047 तक एक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि लोगों के पास सफल होने और हमारे देश को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक चीजें उपलब्ध हों। 'डिजिटल इंडिया' पहल को अपनाना हमें वैश्विक डिजिटल क्षेत्र में अग्रणी बनाता है। हमारी प्रतिबद्धता कनेक्टिविटी, पहुंच और इनवोशन में आगे बढ़ाती है, जिससे तकनीक-संचालित भविष्य का मार्ग प्रशस्त होता है। एक राष्ट्र के रूप में, हम अभी भी यह सुनिश्चित करते हुए आगे बढ़ रहे हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था वित्तीय रूप से अच्छी तरह से प्रबंधित हो, जो देश के आर्थिक दृष्टिकोण के लिए सकारात्मक भावना को दर्शाती है। ये रणनीतिक कदम भारत को नए विचारों वाला और सशक्त देश बनाने के हमारे संकल्प को मजबूत करते हैं।

रियल्टी एवं अन्य क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनी वेव ग्रुप के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह चड्ढा ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट सकारात्मक और जनता केन्द्रित है जिसमें स्वास्थ्य, कौशल, पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास आदि पर ध्यान दिया गया है। इस अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2025 में पूंजीगत व्यय पर जोर रहा है, इसके लिए 11.11 लाख करोड़ का परिव्यय तय किया गया है, इससे आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा। मध्यम वर्ग के लिए मकान सुनिश्चित करने के लिए स्कीम पेश की गई है और ग्रामीण आवास के अंतर्गत दो करोड़ अतिरिक्त घर बनाए जाएंगे, इससे रियल ऐस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, प्रमुख रेलवे परियोजनाओं के विस्तार तथा विभिन्न कॉरिडोर के निर्माण से कनेक्टिविटी बढ़ने से चलते रियल ऐस्टेट सेक्टर में मांग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। साथ ही सरकार प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्रों के विकास के लिए टियर 2 और टियर 3 शहरों पर फोकस कर रही है, इससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे तथा रियल्टी क्षेत्र को और ज्यादा बल मिलेगा।

सूरज

वार्ता

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