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तितलियों ने चंबल घाटी में बिखेरी इंद्रधनुषी छटा

तितलियों ने चंबल घाटी में बिखेरी इंद्रधनुषी छटा

इटावा, 05 फरवरी (वार्ता) शहरीकरण की अंधाधुंध रफ्तार के बीच लगभग गायब हो चुकी रंग बिरंगी तितलियों ने चंबल घाटी को सतरंगी बना रखा है। चंबल क्षेत्र में यकायक तितलियों की बढ़ी तादाद ने पर्यावरणविदों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है वहीं पर्यटकों के लिये ये आकर्षण का केन्द्र बनी हुयी हैं।

पर्यावरण की दिशा में काम कर रही संस्था ‘सोसायटी फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर’ के महासचिव संजीव चौहान का कहना है कि चंबल घाटी में इस समय काफी संख्या में तितलियां नजर आ रही हैं । इन तितलियों को देख कर लोग खुश हो रहे हैं क्योंकि शहरी इलाकों से करीब-करीब पूरी तरह से तितलियां गायब हो चुकी हैं।

इटावा के प्रभागीय वन निदेशक सत्यपाल सिंह का कहना है कि शहरीकरण ने आम इंसान को भले ही लाभ दिया हो लेकिन तितली जैसे जीव का खासा नुकसान हो रहा है और लगातार एक के बाद एक गायब होती चली जा रही हैं । चंबल घाटी से जुड़े इटावा में बीहड़ के भ्रमण के दौरान करीब 20 से अधिक प्रजाति की अनगिनत तितलियां नजर आई हैं ।

उन्होने कहा कि तितलियों की इतनी बड़ी तादाद हाल के दिनों में कभी भी नहीं देखी गयी। बड़ी संख्या में तितलियों के एक ही जगह आना किसी आश्चर्य से कम नहीं है । इटावा में करीब 22 से अधिक प्रजाति की तितलियां देखी जा रही हैं जिनमें प्लेन टाइगर, स्ट्रिट टाइगर, ब्लू टाइगर, कामन क्रो, पेपीलियो और बुसेफुटेड नाम की तितलियां हैं। मवेशियों को चराने वाले ग्रामीणों के मुताबिक वे करीब सात से आठ घंटे बीहड़ में रहते हैं। इस दौरान हवा में तैरती हुई सैकड़ों की तादाद में नजर आने वाली तितलियां खासा मन बहलाती रहती हैं। कभी-कभी तिललियां भैंस या बकरी के ऊपर बैठ जाती है तितलियों के झुंड के झुंड बीहड़ के वातावरण को खुश मिज़ाज करता रहता है।

श्री चाैहान ने बताया कि तितली कीट वर्ग का सामान्य रूप से हर जगह पाया जाने वाला प्राणी है। यह बहुत सुन्दर तथा आकर्षक होती है। तितली एकलिंगी प्राणी है अर्थात नर व मादा अलग-अलग होते हैं। तितली का जीवनकाल बहुत छोटा होता है। ये ठोस भोजन नहीं खातीं, हालांकि कुछ तितलियां फूलों का रस पीती हैं। दुनिया की सबसे तेज उड़ने वाली तितली मोनार्च है। यह एक घंटे में 17 मील की दूरी तय कर लेती है।

प्रकृति के विचार के लिए अपार सुंदरता, कोमलता, कल्याण, प्रेरणा का अक्षय स्रोत व्यक्त कवियों, लेखकों, संगीतकारों, कलाकारों एक तितली पंख भगवान की महिमा का सबूत है। तितलियों बीटल कीड़े की दूसरी सबसे अनेक क्रम हैं । वे विभिन्न आकार, रंग, जीवन, और प्रकृति में घटना महत्व के स्थान हैं।

उन्होने बताया कि तितलियों की आँखें होती हैं इसलिए वो देख तो सकती हैं लेकिन उनकी यह क्षमता सीमित होती है। इनकी आंखे बड़ी और गोलाकार होती हैं। इनमें हजारों सेंसर होते हैं जो अलग- अलग कोण में लगे रहते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि तितलियां ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, दाएँ, बाएँ सभी दिशाओं में एक साथ देख सकती हैं लेकिन इसका यह नुकसान भी होता है कि वे किसी चीज पर अपनी दृष्टि एकाग्र नहीं कर पातीं और उन्हे धुंधला सा दिखाई देता है।

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