Sunday, Jul 21 2019 | Time 16:41 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • किसान की हत्या कर चुराई तीन भैंसें
  • धोनी जानते हैं कि उन्हें संन्यास कब लेना है: प्रसाद
  • ठाणे में सड़क हादसे में मजदूर की मौत, 19 घायल
  • गुजरात में बारिश के कारण चार लोगों की मौत
  • विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान तठस्थ रहेंगे बसपा के इकलौते विधायक
  • पैरोल जंप करने वाला ‘मोस्ट वांटेड‘ बदमाश पकड़ा गया
  • अमेरिका में लू से छह लोगों की मौत, करोड़ों प्रभावित
  • विश्व में खसरे से प्रति घंटे दस बच्चों की होती है मौत
  • विराट को तीनों फार्मेट की कप्तानी, हार्दिक को विश्राम
  • सादगी की मिसाल राय दा ने आजीवन पेंशन नहीं ली
खेल


रेड बॉल क्रिकेट में गेंदबाजों की चुनौती अधिक: चहल

रेड बॉल क्रिकेट में गेंदबाजों की चुनौती अधिक: चहल

बेंगलुरू, 14 अगस्त (वार्ता) भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने कहा है कि सीमित प्रारूप की तुलना में टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों को अधिक दिमाग लगाकर और रणनीति के साथ गेंदबाजी करनी पड़ती है क्योंकि बल्लेबाज़ इसमें आक्रामकता नहीं बल्कि ठहराव के साथ खेलते हैं।

चहल की लगभग दो वर्ष बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी हुई है, वह हाल में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ समाप्त चार दिवसीय मैच में भारत ए का हिस्सा थे जिसे मेजबान टीम ने 1-0 से जीत लिया। अलुर में दूसरे मैच के बाद चहल ने कहा,“ मेरे लिये दो वर्ष बाद बड़े प्रारूप में खेलना आसान नहीं है। मुझे खुद को इसके अनुरूप ढालने के लिये समय की जरूरत है क्योंकि बल्लेबाजों पर अधिक दबाव नहीं होता है।”

उन्होंने कहा,“ वनडे और ट्वंटी 20 में रन रेट अधिक होता है और बल्लेबाज आक्रामकता से खेलते हुये आउट हो जाते हैं। लेकिन टेस्ट प्रारूप में आपको अपनी सूझबूझ से ही बल्लेबाजों को आउट करना होता है क्योंकि वह बहुत धीमे रेट से खेलते हैं।”

भारत ए के लिये सीरीज़ में चहल का प्रदर्शन संतोषजनक रहा जिन्होंने दो गैर आधिकारिक टेस्टों में 55.75 के औसत से चार विकेट निकाले। उन्होंने कहा,“आपको रेड बॉल के साथ दिमाग लगाने की जरूरत होती है क्याेंकि यहां आप 30 से 35 ओवर तक गेंदबाजी करते हैं जबकि टी-20 में आपको केवल चार ओवर करने होते हैं।”

28 वर्षीय स्पिनर ने आखिरी बार 2016 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था लेकिन उन्हें भारत के लिये टेस्ट प्रारूप में अधिक माैका नहीं मिला, हालांकि सीमित ओवर प्रारूप में वह चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के साथ राष्ट्रीय टीम के नियमित खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वह 2016 से ही सीमित ओवर खेल रहे हैं लेकिन टेस्ट में समय नहीं मिला। चहल ने कहा,“ यदि आप रेड बॉल से खेलते हैं तो आपकी गेंदबाजी में सुधार होता है और दिमाग तेज होता है। आपको उन परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका मिलता है जहां स्पिनरों को अधिक मदद नहीं मिलती है।”

 

image