Wednesday, Sep 26 2018 | Time 16:34 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • महिलाओं के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर स्टाम्प ड्यूटी हटाना उत्साहजनक: महबूबा
  • एशियन चैंपिंयस ट्रॉफी में मनप्रीत को कप्तानी
  • राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 मंजूर
  • सावधान, कांटेक्ट लेंस लगाने से जा सकती है रोशनी
  • निजी फायनांस कंपनी से सात लाख की लूट
  • न्यायालय के निर्णय से आधार की उपयोगिता हुई प्रमाणित: जेटली
  • गांधी जयंती पर वर्धा में होगी कांग्रेस कार्य समिति की बैठक
  • परिवार को खबर नहीं, यशपाल बन गया मिक्स्ड मार्शल का हीरो
  • चीनी मिलों को फिर मिला 5538 रुपये का पैकेज
  • भूमि विवाद में कमी लाने के लिए प्रयास की जरूरत :नीतीश
  • जीएसटीएन पूरी तरह से सरकारी कंपनी होगी
  • सायना और परूपल्ली करेंगे विवाह
  • चीनी मिलाें के लिए 5538 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी
  • आधार पर न्यायालय का फैसला हमारी जीत : कांग्रेस
खेल Share

रेड बॉल क्रिकेट में गेंदबाजों की चुनौती अधिक: चहल

रेड बॉल क्रिकेट में गेंदबाजों की चुनौती अधिक: चहल

बेंगलुरू, 14 अगस्त (वार्ता) भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने कहा है कि सीमित प्रारूप की तुलना में टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों को अधिक दिमाग लगाकर और रणनीति के साथ गेंदबाजी करनी पड़ती है क्योंकि बल्लेबाज़ इसमें आक्रामकता नहीं बल्कि ठहराव के साथ खेलते हैं।

चहल की लगभग दो वर्ष बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी हुई है, वह हाल में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ समाप्त चार दिवसीय मैच में भारत ए का हिस्सा थे जिसे मेजबान टीम ने 1-0 से जीत लिया। अलुर में दूसरे मैच के बाद चहल ने कहा,“ मेरे लिये दो वर्ष बाद बड़े प्रारूप में खेलना आसान नहीं है। मुझे खुद को इसके अनुरूप ढालने के लिये समय की जरूरत है क्योंकि बल्लेबाजों पर अधिक दबाव नहीं होता है।”

उन्होंने कहा,“ वनडे और ट्वंटी 20 में रन रेट अधिक होता है और बल्लेबाज आक्रामकता से खेलते हुये आउट हो जाते हैं। लेकिन टेस्ट प्रारूप में आपको अपनी सूझबूझ से ही बल्लेबाजों को आउट करना होता है क्योंकि वह बहुत धीमे रेट से खेलते हैं।”

भारत ए के लिये सीरीज़ में चहल का प्रदर्शन संतोषजनक रहा जिन्होंने दो गैर आधिकारिक टेस्टों में 55.75 के औसत से चार विकेट निकाले। उन्होंने कहा,“आपको रेड बॉल के साथ दिमाग लगाने की जरूरत होती है क्याेंकि यहां आप 30 से 35 ओवर तक गेंदबाजी करते हैं जबकि टी-20 में आपको केवल चार ओवर करने होते हैं।”

28 वर्षीय स्पिनर ने आखिरी बार 2016 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था लेकिन उन्हें भारत के लिये टेस्ट प्रारूप में अधिक माैका नहीं मिला, हालांकि सीमित ओवर प्रारूप में वह चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के साथ राष्ट्रीय टीम के नियमित खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वह 2016 से ही सीमित ओवर खेल रहे हैं लेकिन टेस्ट में समय नहीं मिला। चहल ने कहा,“ यदि आप रेड बॉल से खेलते हैं तो आपकी गेंदबाजी में सुधार होता है और दिमाग तेज होता है। आपको उन परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका मिलता है जहां स्पिनरों को अधिक मदद नहीं मिलती है।”

 

More News
अफगानिस्तान से टाई हम नहीं भूल पाएंगे: राहुल

अफगानिस्तान से टाई हम नहीं भूल पाएंगे: राहुल

26 Sep 2018 | 4:28 PM

दुबई, 26 सितंबर (वार्ता) भारतीय ओपनर लोकेश राहुल ने एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ टाई रहे सुपर फोर मैच को यादगार बताते हुये कहा है कि यह मुकाबला सभी खिलाड़ियों के दिमाग में लंबे समय तक रहेगा।

 Sharesee more..

सायना और परूपल्ली करेंगे विवाह

26 Sep 2018 | 3:53 PM

 Sharesee more..

26 Sep 2018 | 3:17 PM

 Sharesee more..
image