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दुनिया भर में हो रहे बदलाव भारत के लिए चिंता का सबब: राजनाथ

दुनिया भर में हो रहे बदलाव भारत के लिए चिंता का सबब: राजनाथ

चेन्नई 28 अगस्त (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि दुनिया में बहुत तेजी से बदलाव हो रहे हैं और देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दूसरे देश से आने वाली अगली खबर के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है।

श्री सिंह ने आज यहां भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) पोत विग्रह को समुद्री बेड़े में शामिल करने पर कहा कि दुनिया भर में हो रहे परिवर्तन अक्सर भारत के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं। एक राष्ट्र के रूप में, दुनिया भर में अनिश्चितताओं और उथल-पुथल के बीच हमें अपना मनोबल ऊंचा रखना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा,“ आज विश्व में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं। देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों में लगातार उतार-चढ़ाव आ रहा है। अन्य देश से आने वाली खबर के बारे में कुछ भी नहीं का जा सकता। जाहिर है हमारा देश भी इन घटनाक्रमों से अछूता नहीं रह सकता।”

श्री सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र जहां दुनिया का दो-तिहाई से अधिक तेल शिपमेंट हो रहा है। उन्होंने कहा, “आज की बदलती दुनिया निश्चित रूप से इन क्षेत्रों को भी प्रभावित करती है। इसलिए हमें हर समय सतर्क रहने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, दुनिया भर में हो रहे बदलाव अक्सर भारत के लिए चिंता का सबब बन जाते हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा, “ हमें एक राष्ट्र के तौर में दुनिया भर में अनिश्चितताओं और उथल-पुथल के इस दौर में अपने सीमा प्रहरियों का मनोबल ऊंचा रखना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि हालांकि ये चुनौतीपूर्ण समय हमें अवसर भी देते हैं, जिसका हमें भरपूर फायदा उठाना चाहिए।

श्री सिंह ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा कारणों, सीमा विवादों और समुद्री प्रभुत्व के कारण, दुनिया भर के देश अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बनाने और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रत्येक देश में सैन्य उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई रिपोर्टों के अनुसार अगले एक या दो साल में यानी 2023 तक दुनिया भर में सुरक्षा पर खर्च 2.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने वाला है। उन्होंने कहा कि अधिकतर देशों के पास एक वर्ष का पूरा बजट भी इस स्तर का नहीं है। इसके अगले पांच वर्षों में कई गुना तक बढ़ जाने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री ने कहा,“ ऐसे में आज हमारे पास अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने और नीतियों का लाभ उठाने तथा देश को स्वदेशी जहाज निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की काफी मौका है। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार पहले से ही ऐसी नीतियां लाई है जो घरेलू उद्योग को विश्व स्तर पर अपने आप को खड़े करने में मदद करती हैं, फिर चाहे वह सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की संस्था हो।

श्री सिंह ने कहा, “ इन मौकों का फायदा उठाकर हमारी कंपनियां न सिर्फ अपने लिए, बल्कि पूरी विश्व के लिए देश को रक्षा निर्माण का हब बनाने की दिशा में काम कर सकती हैं।”

उप्रेती.श्रवण

वार्ता

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