Monday, Apr 23 2018 | Time 01:53 Hrs(IST)
image
image image
BREAKING NEWS:
  • निकारागुआ में सरकार विरोधी प्रदर्शन, कई लोगों की मौत
  • गौतम के कमाल से राजस्थान की मुंबई पर रोमांचक जीत
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी Share

सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के समान दूसरे ग्रह में वायुमंडल की पुष्टि

सौरमंडल के बाहर पृथ्वी के समान दूसरे ग्रह में वायुमंडल की पुष्टि

लंदन,07 अप्रैल (वार्ता) वैज्ञानिकों ने पहली बार एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुये हमारे सौर मंडल के बाहर पृथ्वी से कुछ बड़े एक ग्रह पर वायुमंडल की उपस्थिति का पता लगाया है। अध्ययन के अनुसार सौर मंडल से बाहर स्थित ग्रह ‘जीजे 1132 बी’ पृथ्वी से लगभग 39 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। इसकी त्रिज्या पृथ्वी से 1.4 गुणा ज्यादा और इसका वजन पृथ्वी के वजन से 1.6 गुणा ज्यादा है। जब पहली बार इस ग्रह को खोजा गया था शोधकर्ताओं ने यहां चट्टानों और सतह पर काफी ज्यादा तापमान की वजह से इसे शुक्र ग्रह की तरह का एक और ग्रह माना था। बाद में शोधकर्ताओं ने दाेनों ग्रहों पर एक ही तरह के वायुमंडल की समानता को भी रेखांकित किया। इस अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं ने बताया कि पर्यवेक्षकों ने पहले इस ग्रह के आसपास बृहस्पति ग्रह जैसे विशाल गैस के आवरण होने की बात कही थी जो ‘जीजे 1132’ के पास वातावरण की पुष्टि का पहला सबूत था। लंदन के कीले विश्वविद्यालय के शाेधकर्ता जॉन साउथवर्थ ने एक वक्तव्य में कहा,“ किसी भी दूसरे ग्रहों में अब तक जीवन की खोज नहीं हुयी है इसलिये यह सही दिशा में काफी महत्वपूर्ण पहल है। ‘सुपर अर्थ जीजे 1132बी’ में वायुमंडल की उपस्थिति का पता चलने से मानव के किसी दूसरे ग्रह में बसने और सौरमंडल से इतर जीवन की संभावनाओं के बारे में पता चला है। उल्लेखनीय है कि चिली स्थित यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला (इसीओ) से खगोलविदों ने टेलिस्कोप का प्रयोग कर इस ग्रह की तस्वीर खिंची थी। राहुल जितेन्द्र वार्ता

More News
नयी राष्ट्रीय फ़ेलोशिप शुरू करेगा आईसीएसएसआर

नयी राष्ट्रीय फ़ेलोशिप शुरू करेगा आईसीएसएसआर

04 Feb 2018 | 12:27 PM

नयी दिल्ली 04 फरवरी (वार्ता) भारतीय सामाज विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई सी एस एस आर) के अध्यक्ष डॉ बी बी कुमार ने देश की समस्यायों को सुलझाने वाले विषयों पर मौलिक शोध कार्यों पर जोर देते हुए कहा है कि वह इस संस्थान में पहले से चली आ रही गड़बड़ियों को ठीक करने में लगे है तथा नियमों का उल्लंघन कर दी गई शोध परियोजनाओं की जांच करवा रहे हैं।बिहार के बक्सर जिले के डुमरी गाँव मे जन्में डॉ कुमार ने यूनीवार्ता को एक विशेष भेंटवार्ता में यह भी कहा कि देश में शोध एवं अनुसंधान कार्यों का भी राजनीतिकीकरण हुआ है और एक ही विषय पर बार-बार शोध से दुहराव हुआ है। इसलिए आज मौलिक शोध कार्य करने की अधिक जरूरत है।

 Sharesee more..
महामारी का रूप ले सकता है मुंह का कैंसर

महामारी का रूप ले सकता है मुंह का कैंसर

04 Feb 2018 | 12:00 PM

नयी दिल्ली 04 फरवरी (वार्ता) देश में ओरल (मुंह) कैंसर जिस तरह से महामारी के रूप में फैल रहा है उसको देखते हुए समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो अकेले भारत में अगले तीन साल में करीब नौ लाख लोगों का असामयिक निधन हो सकता है।

 Sharesee more..
कम सुनने वालों के लिए ‘ हियरिंग एड ’ वरदान

कम सुनने वालों के लिए ‘ हियरिंग एड ’ वरदान

30 Jan 2018 | 12:53 PM

नयी दिल्ली 30 जनवरी (वार्ता) आंशिक अथवा पूर्ण रूप से सुन पाने में असमर्थ लोगों के लिए ‘ हियरिंग एड ’ न केवल वरदान साबित हुये हैं बल्कि उन्हें हीनता के अवसाद से छुटकारा दिला रहे हैं और इनका जितना जल्द इस्तेमाल शुरू कर दिया जाये उतना ही फायदेमंद है।

 Sharesee more..
मानवाें का क्लोन बनाने का इरादा नहीं: चीनी वैज्ञानिक

मानवाें का क्लोन बनाने का इरादा नहीं: चीनी वैज्ञानिक

29 Jan 2018 | 5:12 PM

बीजिंग,29 जनवरी(वार्ता) बंदर का क्लाेन बनाने वाले चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका मानव क्लोन बनाने का कोई इरादा नहीं है।

 Sharesee more..
भारत में ‘समुद्री ज्ञान मंथन’ की व्यापक जरूरत: पर्रिकर

भारत में ‘समुद्री ज्ञान मंथन’ की व्यापक जरूरत: पर्रिकर

07 Nov 2017 | 8:24 PM

पणजी 07 नवंबर (वार्ता) गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारत की अर्थव्यवस्था में समुद्री संसाधनों के महत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर शोध किये जाने की जरूरत है।

 Sharesee more..
image