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राजस्थान में लोकसभा चुनाव की 29 मतगणना केंद्रों पर होगी मतों की गिनती

राजस्थान में लोकसभा चुनाव की 29 मतगणना केंद्रों पर होगी मतों की गिनती

जयपुर, 23 मई (वार्ता ) राजस्थान में 25 लोकसभा सीटों के चुनाव की आगामी चार जून को होने वाली मतगणना के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और 29 मतगणना केंद्रों पर चार हजार से अधिक राउंड में करीब साढ़े तीन हजार टेबलों पर मतों की गिनती की जायेगी।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि चार जून को सुबह आठ बजे से मतों की गिनती प्रारंभ होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की माध्यम से डाले गए मतों की गिनती की जाएगी और उसके बाद ईवीएम के मतों की गिनती होगी। श्री गुप्ता ने बताया कि राज्य की 25 लोकसभा क्षेत्रों में 29 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। जोधपुर लोकसभा क्षेत्र, नागौर लोकसभा क्षेत्र, करौली- धौलपुर लोकसभा क्षेत्र एवं गंगानगर लोकसभा क्षेत्र में दो-दो मतगणना केंद्र होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में ईवीएम के माध्यम से डाले गए मतों की 4033 राउंड में पूरी होगी। प्रदेश में कम से कम 20 राउंड की काउंटिंग होगी, जबकि ज्यादा से ज्यादा 28 राउंड की मतगणना होगी। मतगणना के लिए कुल 235 कक्ष होंगे जबकि पोस्टल बैलट के लिए 62 कक्ष होंगे। ईवीएम के मतों की गणना के लिए 2713 टेबल्स और पोस्टल बैलेट एवं ईटीबीपीएस से डाले गए मतों की गणना के लिए 800 टेबल्स लगाई जायेगी।

श्री गुप्ता ने बताया कि मतगणना टेबल्स के लिए 3500 माइक्रो आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश में मतगणना के लिए 1200 से ज्यादा एआरओ की ट्रेनिंग हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 56 मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को मतगणना केंद्र में सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना का दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है।

श्री गुप्ता ने बताया कि मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। केवल अधिकृत पास-धारक व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन त्रिस्तरीय होगा।

उन्होंने बताया कि ईवीएम की मतगणना टेबल पर काउंटिंग सुपरवाईजर, काउंटिंग असिस्टेंट, काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेगा। इसी प्रकार, पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी, एक काउंटिंग सुपरवाईजर, दो काउंटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेगा। माइक्रो ऑब्जर्वर केन्द्र सरकार के विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी होंगे।

श्री गुप्ता ने बताया कि ईवीएम/पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउंटिंग एजेंट भी रहेंगे। स्ट्रॉन्ग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए पृथक-पृथक मार्ग/ रास्ता/ व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगी। इलेक्शन ऑब्जर्वर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है। केवल रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी और काउंटिंग सुपरवाइजर जो ईटीपीबीएमएस से जुड़े हैं, वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी के लिए मोबाइल ले जा सकेंगे तथा इसके पश्चात मोबाइल बंद कर प्रेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराएंगे।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी। पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टे पश्चात प्रातः 8:30 बजे ईवीएम से मतगणना प्रारंभ होगी। बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थी वार डाक मतपत्रों के परिणाम की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जाएगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी। मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेंटर में दी जायेगी। इस के लिए जिला जनसम्पर्क अधिकारी समन्वय बनायेंगे।

उन्होंने बताया कि अधिकृत मीडियाकर्मियों के लिए मतगणना केंद्र पर एक पृथक कक्ष में मीडिया सेंटर बनाया गया है जहां पर टेलीफोन, कम्प्यूटर एवं इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मीडियाकर्मियों के लिए आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए गए हैं। मतगणना स्थल पर मीडियाकर्मियों को मतगणना के नवीनतम रूझान एवं परिणाम से अवगत कराने के लिए मीडिया सेंटर में बड़ी एलईडी स्क्रीन पर आयोग की आईटी एप्लिकेशन ट्रेंड-टीवी के माध्यम से प्रदर्शित करने की व्यवस्था की गयी है। इससे मीडियाकर्मियों को एक ही स्थान पर मतगणना के नवीनतम रूझान एवं परिणाम उपलब्ध होंगे।

श्री गुप्ता ने बताया कि रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कानून- व्यवस्था की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी। रिटर्निंग अधिकारी किसी भी राजनीतिक व्यक्ति, मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी से निर्देश प्राप्त नहीं करेंगे और न ही किसी तरह से कोई पक्षपात करेंगे। मतगणना स्थल में प्रवेश करने के लिए वैध प्राधिकार पत्र होने के बाद भी यदि आरओ को मतगणना हॉल में किसी व्यक्ति की उपस्थिति के बारे में उचित संदेह है, तो वह उसकी तलाशी ले सकता है।

उन्होंने कहा कि मतगणना हॉल के बाहर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी और किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति के कमरे में प्रवेश करने या छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आरओ पूर्ण व्यवस्था और अनुशासन सुनिश्चित रखते हुए गिनती व्यवस्थित तरीके से करवाना सुनिश्चित करेंगे। मतगणना कार्मिक परिणाम घोषित होने के बाद ही आरओ की अनुमति से मतगणना हॉल छोड़ेंगे। मतगणना केंद्र के अंदर आयोग के पर्यवेक्षकों और काउंटिंग डेटा प्रसारित करने के आधिकारिक उपयोग के लिए आवश्यक उपकरणों के अतिरिक्त किसी भी मोबाइल फोन, आई-पैड, लैपटॉप अथवा किसी भी ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण की अनुमति नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि सभी सीयू, वीवीपैट मशीनों और संबंधित दस्तावेजों को स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर काउंटिंग हॉल तक और मतगणना पश्चात वापस स्ट्रॉन्ग रूम तक लाने-ले जाने की कार्यवाही की निर्बाध सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। इस अवधि की सीसीटीवी कवरेज उम्मीदवार अथवा उनके एजेंट मतगणना हॉल में टीवी/ मॉनिटर पर देख सकेंगे। काउंटिंग हॉल में संपूर्ण मतगणना प्रक्रिया की 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरा या वीडियोग्राफी से मय दिनांक और समय की मोहर के साथ कवरेज की जाएगी। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में, ईवीएम या मतपत्रों पर प्रदर्शित वास्तविक वोटों की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुलिस को अफवाहों को प्रभावहीन करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान पर निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया है। मतगणना के दौरान एवं चुनाव के परिणाम घोषित होने के पश्चात कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग, पुलिस बंदोबस्त, पार्किंग व्यवस्था आदि के लिए उचित प्रबंध जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अनुसार मतगणना के पश्चात विजय जुलूस, हर्ष फायरिंग, डीजे वाहन का प्रयोग, वाहन रैली आदि जैसे आयोजनों पर रोक रहेगी।

जोरा

वार्ता

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