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माैत की धमकी मुझे नहीं रोक सकती :हसीना

माैत की धमकी मुझे नहीं रोक सकती :हसीना

ढाका, 14 अगस्त(वार्ता) बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को कहा कि बार बार मौत की धमकियां मिलने के बाद भी उन्होंने देश और जनता के कल्याण के कामों से पीछे नहीं हटने की कोशिश की है।

उन्होंने गानोभाबान सरकारी अावास से कुछ पुलों और फ्लाईओवर्स के वीडियो कांफ्रेंसिंग उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा“ मुझे अपने सगे संबंधियों को खोने के दर्द से रूबरू हाेकर एक बार फिर आगे बढ़ना है अौर मेरी राह इतनी भी अासान नहीं है। मै जानती हूं कि मुझे आगे जाकर मौत का सामना करना हाेगा लेकिन इतनी धमकियां मिलने के बाद भी मैंने अपने कदम पीछे हटाने की कोशिश नहीं की है।”

उन्होंने कहा“ देश को आजादी राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्च में मिल गई थी लेकिन परास्त हुई ताकतें चुप नहीं बैठी और जब उन्होंने देखा कि बंगलादेश तरक्की कर रहा है तो सबने मिलकार 15 अगस्त 1975 को पूरी ताकत लगाकर हड़ताल की। उन्होंने न केवल देश के राष्ट्रपति की हत्या की बल्कि एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया था और दस वर्ष के बच्चे रूसेल को भी नहीं बख्शा गया। उनका मकसद यह था कि उस नेतृत्व करने वाले के वंश का एक भी व्यक्ति नहीं बच पाए और देश के लोग कभी उसके आसपास भी नहीं आए।”

उन्होंने कहा कि वह स्वयं और उनकी छोटी बहन शेख रेहाना इस हत्याकांड़ से बच गई क्योंकि वे उस समय देश से बाहर थी।

उन्होंने कहा“ निर्वासित जीवन जीने के बाद छह वर्ष बाद जब वह 1981 में लौटी ताे उनका एक ही मकसद था कि देश को प्रगति की राह पर ले जाया जाए और इसी मकसद के लिए उनके पिता ने अपने जीवन को कुर्बान कर दिया था। मुझे लोगों की किस्मत को किसी भी तरह बदलना है ताकि वे शांति, खुशी और अार्थिक रूप से खुशहाल जीवन जी सके।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आम लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है और वे सभी सुविधाओं से वंचित हैं लेकिन सरकार देश और जनता के कल्याण के लिए हर संंभव कदम उठा रही है अौर सरकार को सभी से सहयाेग मिल रहा है।

उन्हाेंने जनता को समर्पित पुलों और फ्लाईओवर्स का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय संपर्क बढेगा और इससेे सामाजिक अार्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।

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