Monday, Mar 30 2020 | Time 21:07 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • मेट्रो देगी प्रधानमंत्री रिलीफ केयर फंड में कर्मचारियों की एक दिन की बेसिक वेतन राशि
  • रामगोविंद का मीडियाकर्मियों को मास्क,सेनेटाइजर,के लिए एक लाख देने का प्रस्ताव
  • स्थानीय निकाय कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए 300 करोड़ जारी : विज
  • हरियाणा में काेरोना के अब 15 मामले, सात मरीज ठीक हुये
  • रामदेव देंगे 25 करोड़ रुपये, पतंजलि कर्मचारी भी देंगे एक दिन का वेतन
  • भारतीय नागरिकों का ध्यान रखें और काेरोना से लड़ाई में भागीदार बनें राजदूत: मोदी
  • आईओए ने ओलम्पिक की नयी तारीखों का स्वागत किया
  • वाराणसी में लाॅकडाउन की आड़ में कालाबाजारी करने वाले नौ गिरफ्तार
  • हरियाणा में प्रवेश करने पर पंजाब के विधायक का चालान काटा
  • नेट और जेएनयू प्रवेश परीक्षाओं के फार्म भरने की तिथि बढ़ी
  • गुरूग्राम में काेरोना जांच के लिये तीन लैब अधिकृत
  • 2021 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 तक स्थगित
  • बिहार में 15 मरीज कोरोना पॉजिटिव, 2376 संदिग्ध निगरानी में
लोकरुचि


सर्द मौसम से ‘लाला’ की ग्रीष्मकालीन सेवा में देरी

सर्द मौसम से ‘लाला’ की ग्रीष्मकालीन सेवा में देरी

मथुरा, 15 मार्च  (वार्ता) उत्तर प्रदेश की कान्हा नगरी मथुरा में वृन्दावन के सप्त देवालयों में शुमार राधारमण मंदिर में बदलते मौसम के कारण ग्रीष्मकालीन सेवा मेे विलम्ब हो रहा है तथा अब भी ठाकुर जी की हल्की शीतकालीन सेवा चल रही है।

      राधारमण मंदिर के सेवायत आचार्य दिनेशचन्द्र गोस्वामी ने रविवार को बताया कि वृन्दावन के सप्त देवालयों में मशहूर राधारमण मंदिर में ठाकुर की ‘आत्मवत’ सेवा होती है जिसमें सेवा भी मौसम के अनुकूल ही होती है। बाल स्वरूप सेवा होने के कारण इस बात का ध्यान रखा जाता है कि ‘लाला’ के ऊपर मौसम का विपरीत असर न पड़े। चूंकि वर्तमान में हल्की ठंड है इसलिए ही अभी ठाकुर की हल्की शीतकालीन सेवा चल रही है।

    उन्होंने बताया कि इस मंदिर में सेवा पूजा चैतन्य महाप्रभु के शिष्य गोपाल भट्ट स्वामी द्वारा प्रतिपादित विधि विधान से होती है क्योंकि इस मंदिर के विगृह के बारे में कहा जाता है

   ‘गोविन्द सौ मुख, गोपीनाथ कौ सेा हिय मदनमोहन के राजत चरण हैं।’

      गोस्वामी ने बताया कि मान्यता है कि ठाकुर का श्रंगार बहुत सुन्दर करने के कारण गोपाल भट्ट स्वामी  गोविन्द देव, गोपीनाथ एवं मदन मोहन मंदिर में नित्य ठाकुर का श्रंगार करने जाते थे तथा उसके साथ ही राधारमण मंदिर के श्रीविगृह का भी श्रंगार करते थे। जब वे वृद्ध हो गए तो उन्हें चार चार मंदिरों का श्रंगार करने में कुछ परेशानी होने लगी क्योंकि निर्धारित समय में चारों मंदिरों के विगृह का श्रंगार करना मुश्किल हो जाता।


इसके बाद उन्होंने एक दिन राधारमण महराज से अनुनय विनय की  और अपनी परेशानी बताते हुए प्रार्थना की कि राधारमण महराज में ही अन्य तीनो विगृह का समावेश हो जाय।ठाकुर ने अपने भक्त की पुकार  सुनी और चारो मंदिरों के विगृह राधारमण महराज में ही समाहित हो गए। इस विगृह का मुख गोविन्ददेव मंदिर के विगृह की तरह, हृदय गोपीनाथ मंदिर के विगृह की तरह और चरणकमल मदनमोहन मंदिर के विगृह के रूप में हो गये। इसलिए अति वृद्ध होने पर वे इसी मंदिर के विगृह का श्रंगार करने लगे।

       गोस्वामी के अनुसार सामान्यतया होली के बाद ग्रीष्णकालीन सेवा अधिकांश मंदिरों में प्रारंभ हो जाती है ।इस मंदिर में भी अभी विशेष होली सेवा का समापन हुआ जिसमें ठाकुर ने भक्तों के संग पंचरंगी होली खेली। उन्होंने न केवल रंग और गुलाल से होली खेली बल्कि केशर, इत्र एवं फूलों की भी होली खेली तथा इस अवसर पर भक्तों ने उस ’’डोर कौपीन’’ के भी दर्शन किये जिसे चैतन्य महाप्रभु ने गोपाल भट्ट स्वामी को दिया था।  

        उन्होने बताया कि चूंकि मौसम में अभी ठंडक है तथा इसका लाला के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है इसलिए वर्तमान में हल्की शीतकालीन सेवा ही चल रही है। मौसम सही होने पर ही इस मंदिर की ग्रीष्मकालीन सेवा प्रारंभ होगी।

         गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में सात्विकता, शुचिता एवं सेवा का जो भाव रहता है उससे जो भक्त अपने आप को रंग लेते हैं ठाकुर उनकी ही सुनने लगते हैं। गोपाल भट्ट स्वामी ने ठाकुर की इसी भाव से सेवा की इसी वजह से ठाकुर ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए अपने विगृह तक में परिवर्तन कर दिया।  गोस्वामी ने कहा कि  इस मंदिर का विगृह साधारण विगृह नही है तथा जिस किसी ने ठाकुर के चरण पूरी भक्ति भाव से गृहण किये उसकी दुनिया ही बदल जाती है। कुल मिलाकर इस मंदिर में वर्ष पर्यन्त भक्ति ठाकुर के सामने नृत्य करती रहती है।

सं प्रदीप

वार्ता
More News
शीतला माता श्रद्धालुओं को देती है निरोगी काया

शीतला माता श्रद्धालुओं को देती है निरोगी काया

28 Mar 2020 | 10:57 AM

राजगीर 28 मार्च (वार्ता) बिहार में नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में पूजा करने से श्रद्धालुओं को निरोगी काया की प्राप्ति है।

see more..
पटना की नगर रक्षिका है मां पटनेश्वरी

पटना की नगर रक्षिका है मां पटनेश्वरी

27 Mar 2020 | 9:53 AM

पटना 27 मार्च (वार्ता) देश के प्रमुख शक्ति उपासना केंद्रों में शामिल पटना के पटन देवी मंदिर में विद्यमान मां भगवती को पटना की नगर रक्षिका माना जाता है।

see more..
नेतुला महारानी मंदिर में पूजा करने से नेत्र विकार से मिलती है मुक्ति

नेतुला महारानी मंदिर में पूजा करने से नेत्र विकार से मिलती है मुक्ति

26 Mar 2020 | 6:06 PM

जमुई 26 मार्च (वार्ता) बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड स्थित नेतुला महारानी मंदिर में पूजा करने से श्रद्धालुओं को नेत्र संबंधित विकार से मुक्ति मिलती है और उन्हें मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

see more..
तीन शिव मंदिरों के साथ अद्भूत त्रिभुज का निर्माण करता है अंबिका मंदिर

तीन शिव मंदिरों के साथ अद्भूत त्रिभुज का निर्माण करता है अंबिका मंदिर

26 Mar 2020 | 11:31 AM

छपरा, 26 मार्च (वार्ता) बिहार के सारण जिला मुख्यालय छपरा से लगभग 24 किलोमीटर पूर्व दिघवारा इलाके में अवस्थित अम्बिका स्थान मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है जो भगवान शिव के विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर, विश्वनाथ मंदिर और वैद्यनाथ धाम के साथ अद्भुत त्रिभुज का निर्माण करता है।

see more..
शक्ति की देवी करेंगी ‘कोरोना’ का महाविनाश

शक्ति की देवी करेंगी ‘कोरोना’ का महाविनाश

24 Mar 2020 | 5:49 PM

लखनऊ.बलरामपुर,24 मार्च (वार्ता) आतंक का पर्याय बने नाेवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से देश दुनिया को मुक्ति दिलाने की मनोकामना के साथ लाखों श्रद्धालु बुधवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र के मौके पर शक्ति की देवी की अराधना करेंगे।

see more..
image