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विपक्षी मिलकर चुनाव लड़ते तब भी परिणाम यही होते: सुशील

विपक्षी मिलकर चुनाव लड़ते तब भी परिणाम यही होते: सुशील

पटना 04 दिसंबर (वार्ता) बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार विजय और कांग्रेस की पराजय पर कहा कि यदि इंडी गठबंधन के सभी दल मिल कर चुनाव लड़ते, तब भी यही परिणाम आते।

श्री मोदी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की नीति, नीयत और गारंटी पर देश की जनता का इतना मजबूत भरोसा है कि वर्ष 2024 में प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार मोदी सरकार का बनना तय है। उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और समाजवादी पार्टी (सपा) इस भ्रम में बिल्कुल न रहें कि वे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव परिणाम पर कोई असर डाल पाते। कांग्रेस यदि इनको साथ लेती तो उसकी स्थिति और खराब होती। कांग्रेस ने तीन हिंदी प्रदेशों में बोझ बनने वाले दलों से दूरी बना कर बुद्धिमानी ही की।

भाजपा सांसद ने कहा कि जदयू ने मध्य प्रदेश में 10 उम्मीदवार खड़े कर और उन सबकी जमानत जब्त करा कर देख लिया कि बिहार के बाहर उनकी हैसियत एक सीट जीतने की भी नहीं है लेकिन किसी को बड़बोले दावे करने और दिन में सपने देखने से तो कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि 28 में से 12 राज्यों में अब अकेले भाजपा की सरकार है। देश की 41 फीसद आबादी पर पार्टी का शासन है जबकि कांग्रेस हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना बस तीन राज्यों में सिमट गई है। देश पर 55 साल तक एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस का शासन केवल 8.51 फीसद आबादी पर बचा है।

श्री मोदी ने कहा कि तेलंगाना में भाजपा की सीट एक से बढ कर आठ हो गई। वहां 14 फीसद वोट शेयर के साथ सीटों में आठ गुना वृद्धि कोई छोटी सफलता नहीं है।

सूरज

वार्ता

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25 Feb 2024 | 8:20 PM

पटना 25 फरवरी (वार्ता) बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को कहा कि जिस उत्तरप्रदेश ने कांग्रेस को पंडित जवाहर लाल नेहरू से राजीव गांधी तक चार प्रधानमंत्री दिये, उस प्रदेश में वह आज अपने बल पर एक भी सीट जीतने लायक नहीं रही और मात्र 17 संसदीय सीटों के लिए उसे समाजवादी जनता पार्टी (सपा) से समझौता करना पड़ रहा है।

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