Tuesday, Sep 29 2020 | Time 20:28 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • कोरोना गुजरात मामले दो अंतिम गांधीनगर
  • महाराष्ट्र में कोरोना सक्रिय मामले घटकर 2 60 लाख
  • 1381 नए मामले, 11 मौतें, 1383 हुए स्वस्थ भी
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सक्रिय मामले घटकर 2 60 लाख
  • विश्वभारती विवि परिसर में बाड़ लगाने पर रोक लगाने का आदेश देने से इंकार
  • अब कोरोना वैक्सीन की 20 करोड़ खुराक बनायेगा सीरम इंस्टीट्यूट
  • मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या सवा लाख के पार
  • दिल्ली में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों में बढ़ोतरी
  • बसपा का बिहार चुनाव में उपेन्द्र कुशवाहा से गठबंधन
  • असम: प्रश्न पत्र लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग
  • ओलंपिक में शीर्ष चार में आ सकते हैं: दीपिका
  • महाराष्ट्र में कोरोना के 14976 नये मामले, 19212 स्वस्थ
  • असम समझौते के खंड 6 की रिपोर्ट पर ‘असहमति’:गोरखा
  • कोयला खदानों की ऑनलाइन बोली 30 सितंबर से शुरू
  • हिमाचल के कोरोना के कारण होम गार्ड की मौत
लोकरुचि


कोरोना के खात्मे के लिये गिर्राज जी की तलहटी पर छप्पन भोग

कोरोना के खात्मे के लिये गिर्राज जी की तलहटी पर छप्पन भोग

मथुरा 04 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश की कान्हा नगरी मथुरा में कोरोना वायरस महामारी की समाप्ति के लिए गिर्राज जी की तलहटी में छप्पन भोग का आयोजन किया गया ।

गिरिराज सेवा समिति द्वारा हर साल अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर तीन दिवसीय छप्पन भोग का अनूठा आयोजन किया जाता है। यह आयोजन इसलिए अनूठा होता है कि यह किसी राष्ट्रहित के मुद्दे को लेकर आयोजित किया जाता है।

गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष मुरारी अग्रवाल ने बताया कि गत वर्ष इसका आयोजन भारत की चन्द्रमा पर पहुंचने एवं मिशन की भविष्य में सफलता तथा इसरो के वैज्ञानिकों की सफलता के लिए ठाकुर का आशीर्वाद दिलाने के लिए आयोजित किया गया था तथा इस वर्ष का आयोजन भारत से कोरोनावायरस की महामारी की समाप्ति के लिए किया गया ।

वैसे गिर्राज जी में छप्पन भोग का आयोजन नया नही है तथा वर्ष पर्यन्त समय समय पर तलहटी में छप्पन भोग का आयोजन होता रहता है लेकिन गिरिराज सेवा समिति का तीन दिवसीय आयोजन वर्षा ऋतु के बाद प्रथम आयोजन होने तथा विशाल रूप में करने एवं किसी राष्ट्रीय मिशन के लिए किया जाता है। जहां अन्य आयोजन उस संगठन तक ही सीमित होते हैं वहीं इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर उन्हें ठाकुर का आशीर्वाद दिलाने के लिए किया जाता है।

अग्रवाल के अनुसार इस वर्ष कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण इसे सूक्ष्म रूप से किया गया । इस वर्ष इस अवसर पर आयोजित की जानेवाली गिर्राज की सप्तकोसी परिक्रमा नही की गई क्योंकि प्रायः इस अनूठी परिक्रमा में हजारों लोग शामिल हो जाते है और कम से कम आधा किलोमीटर की मानव श्रंखला की मोटी माला सी बन जाती है पर चूंकि इस कार्यक्रम में सामाजिक दूरी बनाये रखना मुश्किल हो जाता इसलिए इस बार इसे नही किया गया ।

सं प्रदीप

जारी वार्ता

More News
नन्हे घड़ियाल यमुना में भैंस की कर रहे हैं सवारी

नन्हे घड़ियाल यमुना में भैंस की कर रहे हैं सवारी

26 Sep 2020 | 9:33 PM

औरैया, 26 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में रिजर्व सेंचुरी क्षेत्र (चंबल) से निकलकर यमुना नदी में आ आये घड़ियाल के बच्चे भैंस पर सवारी करते हुए देखे जा रहे हैं।

see more..
ताजमहल की तरह दुनिया को आकर्षित करेगी यूपी में फिल्म सिटी

ताजमहल की तरह दुनिया को आकर्षित करेगी यूपी में फिल्म सिटी

22 Sep 2020 | 7:32 PM

लखनऊ 22 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के सिलसिले में विचार विमर्श के लिये लखनऊ आये फिल्मी दुनिया की हस्तियों ने एक सुर में कहा कि उन्हे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की क्षमता पर पूरा भरोसा है और हिन्दी भाषी राज्य में प्रस्तावित फिल्म सिटी सफलता के नये आयाम स्थापित करेगी।

see more..
फिल्मलैंड के लिए मुफीद है चंबल की वादियां

फिल्मलैंड के लिए मुफीद है चंबल की वादियां

22 Sep 2020 | 7:26 PM

इटावा , 22 सितंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में फिल्मसिटी के निर्माण के लिये जारी कवायद के बीच इटावा के बाशिंदो काे भरोसा है कि नैसर्गिक सुंदरता की पर्याय चंबल घाटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फिल्मलैंड के सपने में चार चांद लगाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

see more..
मथुरा के गया घाट में पिंडदान करने से पितरों को मिलता है मोक्ष

मथुरा के गया घाट में पिंडदान करने से पितरों को मिलता है मोक्ष

13 Sep 2020 | 5:03 PM

मथुरा 13 सितम्बर (वार्ता) पितृ पक्ष में ब्रजवासियों के साथ साथ देश के विभिन्न भागों के लोग गया जाने की जगह अपने पितरों के मोक्ष के लिए राधाकुण्ड में ‘गया घाट’ पर पिण्डदान करते हैं।

see more..
आस्ट्रेलिया और स्विटरजरलैंड की खूबसूरती को मात देती है चंबल घाटी

आस्ट्रेलिया और स्विटरजरलैंड की खूबसूरती को मात देती है चंबल घाटी

11 Sep 2020 | 7:31 PM

इटावा, 11 सितम्बर (वार्ता) दशकों तक कुख्यात डाकुओं की शरणस्थली के तौर पर कुख्यात रही चंबल घाटी की नैसर्गिक सुंदरता आस्ट्रेलिया और स्विटरजरलैंड के खूबसूरत पर्यटन स्थलो को भी मात देती है।

see more..
image