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भारत को नौकायन में स्वर्ण और दो कांस्य

भारत को नौकायन में स्वर्ण और दो कांस्य

पालेमबंग, 24 अगस्त (वार्ता) भारतीय नौकायान खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुये शुक्रवार को यहां 18वें एशियाई खेलों के छठे दिन देश को एक स्वर्ण तथा दो कांस्य पदक दिला दिये। इसके साथ ही नौकायन में भारत का अभियान सुखद अंदाज़ में समाप्त हो गया।

स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकनाल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह की भारतीय चौकड़ी ने पुरूषों की क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में 6 मिनट 17.13 सेकंड का समय लेते हुये स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में इंडोनेशियाई टीम ने

6:20.58 सेकंड का समय लेकर रजत और थाईलैंड की टीम ने 6:22.41 सेकंड का समय लेकर कांस्य पदक जीते।

इससे पहले नौकायान की डबल स्कल स्पर्धा में भारत के रोहित कुमार और भगवान सिंह टीम ने सात मिनट 04.61 सेकंड का समय लेकर पोडियम फिनिश हासिल की और कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में जापान ने स्वर्ण और कोरिया ने रजत पदक जीता।

पुरूषों की लाइटवेट सिंगल स्कल स्पर्धा में भी भारत को कांस्य हाथ लगा। भारतीय नौकायान खिलाड़ी 25 साल के दुष्यंत ने 7 मिनट 18.76 सेकंड का समय लेकर तीसरे स्थान के साथ पोडियम पर जगह बनाई। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया ने स्वर्ण और हांगकांग ने रजत पदक जीता।

भारत का एशियाई खेलों की रोइंग स्पर्धा में यह दूसरा स्वर्ण पदक है। बजरंग लाल ठक्कर ने 2010 के ग्वांग्झू एशियाई खेलों में सिंगल स्क्ल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। क्वाड्रपल स्क्ल्स स्पर्धा को 2014 में एशियाई खेलों में शुरू किया गया था और इस स्पर्धा में भारत का यह पहला स्वर्ण है।

भारतीय टीम ने रूड़की में सेना प्रशिक्षण शिविर में 2012 में रोइंग शुरू की थी। उन्होंने इंचियोन के पिछले खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। भारत ने इससे पहले 1990 और 2006 में लाइटवेट डबल स्क्ल्स में कांस्य पदक जीते थे।



 

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