Wednesday, Jun 26 2019 | Time 19:22 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • गर्मी-उमस के कारण पंजाब-हरियाणा में बिजली मांग में रिकार्ड तोड़ वृद्धि
  • सशक्त टीम के रुप में उभर रही है महिला फुटबॉल टीम : एंब्रोस
  • व्यापारिक अड़चनों को दरकिनार कर रणनीतिक साझीदारी मजबूत करेंगे भारत और अमेरिका
  • इनेलो का एकमात्र राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल
  • हैंडबाल की इंटरनेशनल चैंपियनशिप की मेजबानी का दावा करेगा भारत
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए राज्य में शैक्षणिक वातावरण जरूरी -भूपेश
  • फरीदाबाद, रेवाड़ी, यमुनानगर में बनेंगे एडीआर केंद्र
  • नीतीश के समक्ष नगर विकास एवं आवास विभाग ने दिया प्रस्तुतीकरण
  • तीन और सदस्य लोकसभा की सभापति तालिका में शामिल
  • जल संचय के लिए व्यक्तिगत पहल की जरुरत: शेखावट
  • सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सक्सेना की विदेश यात्रा पर रोक
  • वित्त मंत्री, आयुष राज्य मंत्री तथा इस्पात राज्य मंत्री ने उपराष्ट्रपति से भेंट की
  • सेज संशोधन विधेयक ध्वनिमत से लोकसभा में पारित
  • खाद्य तेल स्थिर, मूंग दाल व चीनी नरम, चावल स्थिर
  • फिल्म आर्टिकल 15 पर प्रतिबन्ध लगाने की याचिका दायर
भारत


गूगल गुरु का स्थान नहीं ले सकता: वेंकैया नायडू

गूगल गुरु का स्थान नहीं ले सकता: वेंकैया नायडू

नयी दिल्ली 05 सितम्बर (वार्ता) उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने देश के विकास में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा है कि गुरुओं के कारण ही भारत विश्व गुरु रहा है और आज सूचना प्रौद्योगिकी का कितना भी विकास हो जाये गूगल गुरु का स्थान नहीं ले सकता है।

श्री नायडू ने आज यहाँ विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने देश के 45 चुनिन्दा शिक्षकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार में 50 हज़ार रुपये की राशि एक पदक और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है।

उन्होंने कहा कि गुरु लोगों को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश में लाता ही नहीं बल्कि वह जीवन मूल्य और दृष्टि भी प्रदान करता है। गुरु को हमारी संस्कृति में भगवान का दर्जा दिया गया है। पूरी दुनिया भारत को विश्व गुरु मानती रही है। आज भले ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आयीआयीटी) जैसे संस्थानों में सूचना प्राैद्योगिकी का जोर हो और आज के छात्र भले ही सर्च इंजन गुगल से तत्काल जानकारी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन गुगल गुरु का स्थान नहीं ले सकता है।

उन्होंने मात्रभाषा में शिक्षा देने की वकालत करते हुए कहा, “ हमें औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागकर भारतीय मूल्यों को अपनाना चाहिए। हमारे देश की समृद्ध सभ्यता एवं संस्कृति रही है और अनेक महापुरुषों ने बड़ा योगदान दिया है आज छात्रों को उनके बारे में पढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि वे अपने देश का पूरा इतिहास नहीं जानते।”

उन्होंने स्वामी विवेकानंद, रवींद्र नाथ टैगोर, महात्मा गांधी, महर्षि अरविन्द और डॉ राधाकृष्णन की शिक्षा के बारे में दिए गये विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल राेजगार पाने के लिए नहीं बल्कि एक विवेकवान नागरिक बनाने के किये जरूरी है ताकि देश का सही विकास हो सके और भविष्य भी संवर सके।

उप राष्ट्रपति ने शिक्षा को प्रकृति और संस्कृति से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा नैतिक एवं जीवन मूल्यों का भी निर्माण करती है।

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि शिक्षक जीवन भर शिक्षक ही होता है। वह 25 साल से अगर शिक्षक है तो उसका एक ही पेशा पढ़ाना होता है, वह अपना पेशा नहीं बदलता है। माता-पिता के बाद शिक्षकों का ही जीवन में महत्व होता है क्योंकि वे आपके जीवन को एक दिशा देते हैं।

अरविंद.श्रवण

जारी वार्ता

More News
अमिताभ कांत का कार्यकाल दो साल बढ़ा

अमिताभ कांत का कार्यकाल दो साल बढ़ा

26 Jun 2019 | 7:02 PM

नयी दिल्ली 26 जून (वार्ता) सरकार ने नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत (सीईओ) का कार्यकाल दो साल बढ़ा दिया है।

see more..
सामंत गोयल रॉ के प्रमुख और अरविंद कुमार गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक नियुक्त

सामंत गोयल रॉ के प्रमुख और अरविंद कुमार गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक नियुक्त

26 Jun 2019 | 6:55 PM

नयी दिल्ली 26 जून (वार्ता) सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अरविंद कुमार को गुप्तचर ब्यूरो और श्री सामंत गोयल को अनुसंधान एवं विश्लेषण शाखा (रॉ) का प्रमुख नियुक्त किया है।

see more..
image