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विद्युत बिलों में सरचार्ज के रूप में पैसे बढ़ाने से फ़्री बिजली देने के सरकार के दावे साबित हुए झूठे-शर्मा

विद्युत बिलों में सरचार्ज के रूप में पैसे बढ़ाने से फ़्री बिजली देने के सरकार के दावे साबित हुए झूठे-शर्मा

जयपुर 06 मई (वार्ता ) राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने राज्य सरकार पर

एक हाथ से सपने दिखाने एवं दूसरे हाथ से समेटने का काम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि विद्युत बिलों में सरचार्ज के रूप में पैसे बढ़ाने से उसके फ़्री बिजली देने के दावे झूठे साबित हो रहे है ।

श्री शर्मा ने अपने बयान में आज यह बात कही। उन्होंने कि राजस्थान के मुख्यमंत्री को जादूगर कहा जाता है और जादूगर की जादूगरी अब दिखने भी लगी है और सरकार द्वारा बड़े बड़े वादे इस बात के किए गए और घरेलू उपभोक्ताओं को 50 यूनिट से बढाकर 100 यूनिट फ़्री बिजली और किसानों को दो हज़ार यूनिट बिजली फ़्री देने की बात कही गई है। लेकिन जब आम उपभोक्ताओं के हाथों में बिल पहुँचा तो वे अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और इससे राज्य सरकार के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।

उन्होने दो उपभोक्ताओं के बिल दिखाते हुए कहा कि एक उपभोक्ता क़ा बिल 1497 रुपये का आया और उसमें 235 रुपया की फ्यूल चार्ज के लगाए गए थे और वर्तमान महीने के बिल के अंदर उसी उपभोक्ता का 2326 का बिजली बिल और उसमें फ्यूल चार्ज 1035 रुपये लगाया गया है जहाँ 235 रुपये फ्यूल चार्ज था उसको बढ़ाकर सीधे 1035 रुपया वसूला गया है और इस उपभोक्ता के सब्सिडी के रूप में 750 रूपये माइनस ज़रूर किए गए थे लेकिन 750 रुपये की सब्सिडी देकर 1035 रुपये वसूलना यह जादूगरी नहीं तो और क्या है।

उन्होंने कहा कि इसी तरीक़े से दूसरे उपभोक्ता के फ़्यूल चार्ज 3096 रुपये लगाया गया है और उसका बिल 10,468 रुपये का आया है। यानी सरकार का सीधा सीधा तरीक़ा यही है कि इस हाथ से सपने दिखाने का काम करो और दूसरे हाथ से समेटने का काम करो।

लेकिन मुख्यमंत्री यह भूल गए कि आप दूसरे हाथ से समेटने की जो कोशिश कर रहे हो या पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हो अतिरिक्त चार्ज के रूप में, फ्यूल चार्ज के रूप में, सरचार्ज के रूप में गृह कर के रूप में, ये जनता सब समझ रही है कि सरकार के दिखाने के दाँत कुछ और खाने के दाँत कुछ ओर है। आने वाले समय में जनता आपके झाँसे में आने वाली नहीं है।

जोरा

वार्ता

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