Sunday, Apr 14 2024 | Time 11:11 Hrs(IST)
image
राज्य » उत्तर प्रदेश


वाराणसी व विन्ध्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन पर सरकार का फोकस

वाराणसी व विन्ध्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन पर सरकार का फोकस

लखनऊ, 5 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश वार्षिक वित्तीय बजट के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में वाराणसी मंडल तथा विन्ध्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा तमाम नागरिक सुविधआओं से लैस करने की जारी विभिन्न योजनाओं के लिए करोड़ों रुपए की धनराशि प्रावधानित की गई।

इस क्रम में, वाराणसी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 400 करोड़ रूपए, रोपवे व अवस्थापना परियोजनाओं के लिए 100 करोड़ तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना के लिए भूमि क्रय के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है।

बजट भाषण में काशी-अयोध्या का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत की संस्कृति धार्मिक, बौद्धिक, वैज्ञानिक रूप से अत्यन्त समृद्ध रही है। दुनिया के लिये यह एक आश्चर्य का विषय रहा है कि इतनी प्राचीन संस्कृति संदियों तक बाहरी आक्रमणों के बावजूद किस प्रकार अभी भी अविच्छिन्न बनी हुई है। यह उनके लिये आश्चर्य का विषय हो सकता है परन्तु हमारे लिये यह जीवनशैली है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हमारे सांस्कृतिक धरोहरों की अनदेखी की मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सांस्कृतिक धारा अधिक प्रवाहमयी हो रही है। दूसरी ओर, काशी तथा अयोध्या धाम में बढ़ते तीर्थ पर्यटन पर फोकस करते हुए सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उत्तर प्रदेश में स्पीरिचुअल टूरिज्म की अपार संभावनाएं निहित हैं। न केवल काशी-अयोध्या बल्कि प्रदेश भर में धार्मिक तथा पर्यटक स्थलों के पुनर्रुद्धार तथा सौंदर्यीकरण का मार्ग प्रशस्त होने से उत्तर प्रदेश की आर्थिक आर्थिक उन्नति भी सुनिश्चित होगी।

सरकार ने बजट में वाराणसी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है जबकि वाराणसी में नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलाजी (निफ्ट) की स्थापना के लिये भूमि क्रय के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मीरजापुर में विन्ध्याचल स्थित त्रिकोणीय क्षेत्र में माँ विन्ध्यवासिनी मंदिर, माँ अष्टभुजा मंदिर, माँ कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले त्रिकोण संरेखण में आने वाले परिक्रमा मार्गों एवं जन सुविधाओं के उन्नयन के लिए कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था है जबकि लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र तथा नगर क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास तथा वाराणसी एवं अन्य शहरों में रोप-वे सेवा विकसित किये जाने के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था है।

आजमगढ़ के हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए 11.79 करोड़ रुपए प्रावधानित है। “मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना” के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल को विकसित किए जाने की योजना है। धर्मार्थ मार्गों के विकास के लिए 1750 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जिसमें वाराणसी मंडल के तीर्थ क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों के कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त होगा।

प्रदीप

वार्ता

image