Wednesday, Apr 24 2019 | Time 01:38 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • रक्षा बलों के प्रमुखों को बदल सकते हैं श्रीलंका के राष्ट्रपति
  • मोरक्को पुलिस ने आईएस से जुड़े संदिग्ध को हिरासत में लिया
India


सीबीआई निदेशक की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

सीबीआई निदेशक की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

नयी दिल्ली, 06 दिसम्बर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदशेक आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुआई वाली खंडपीठ ने गुरुवार को श्री वर्मा और स्वयंसेवी संगठन ‘काॅमन काॅज’ की श्री वर्मा से अधिकार वापस लेने और छुट्टी पर भेजे जाने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की और फैसला सुरक्षित रख लिया।
श्री वर्मा को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ हुए विवाद के बाद सरकार ने 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया था। दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे।
मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायाधीश के एम जोसेफ की खंड पीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के फैसले पर कड़ा रुख दिखाया। खंडपीठ ने सवाल किया कि सीबीआई के दो उच्च पदस्थ अधिकारियों के बीच लड़ाई रातोंरात सामने नहीं आयी थी। न्यायालय ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं था कि सरकार को चयन समिति से बातचीत किए बिना सीबीआई निदेशक की शक्तियों को तुरंत खत्म करने का निर्णय लेना पड़ा।
श्री गोगोई ने कहा कि सरकार ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि ऐसी स्थितियां जुलाई से ही उत्पन्न हो रही थी। खंडपीठ ने कहा कि यदि केंद्र सरकार निदेशक के अधिकारों पर रोक लगाने से पहले चयन समिति से इसकी मंजूरी ले लेती तो कानून का बेहतन पालन होता।
खंडपीठ ने कहा कि सरकार की कार्रवाई की भावना संस्थान के हित में होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने सवाल किया कि “जब श्री वर्मा कुछ माह में सेवानिवृत्त होने वाले थे तो कुछ और माह का इंतजार तथा चयन समिति से परामर्श क्याें नहीं किया गया ।’’
बुधवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता के के वेणुगोपाल ने न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार को सीबीआई निदेशक और श्री अस्थाना के बीच चल रहे विवाद में इसलिए हस्तक्षेप करना पड़ा क्योंकि दोनों बिल्लियों की तरह झगड़ रहे थे। सरकार को प्रमुख जांच एजेंसी की विश्वसनीयता और अखंडता को बनाये रखने के लिए दखल देना पड़ा।
मिश्रा, यामिनी
वार्ता

More News
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल काे व्यक्तिगत उपस्थिति से दी छूट

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल काे व्यक्तिगत उपस्थिति से दी छूट

24 Apr 2019 | 12:02 AM

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (वार्ता) उच्चतम न्यायलय ने आपराधिक मानहानि मामले में मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी।

see more..
सनी देओल को गुरदासपुर से मिला भाजपा का टिकट

सनी देओल को गुरदासपुर से मिला भाजपा का टिकट

23 Apr 2019 | 10:06 PM

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मशहूर बॉलीवुड कलाकार सनी देओल को पंजाब की गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है जबकि होशियारपुर (सु.) सीट से केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला का टिकट काट कर सोम प्रकाश को प्रत्याशी घोषित किया है।

see more..
समुद्र के अंदर बुलेट ट्रेन की लाइन बिछाने की निविदा जारी

समुद्र के अंदर बुलेट ट्रेन की लाइन बिछाने की निविदा जारी

23 Apr 2019 | 8:29 PM

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (वार्ता) राष्ट्रीय हाईस्पीड रेल निगम ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में मुंबई में समुद्र के अंदर से गुजरने वाली 20 किलोमीटर से अधिक लंबी रेललाइन बिछाने के लिए मंगलवार को निविदा जारी की।

see more..
महिला उत्पीड़न संबंधी सिफारिशों के क्रियान्वयन पर आयोग की नजर

महिला उत्पीड़न संबंधी सिफारिशों के क्रियान्वयन पर आयोग की नजर

23 Apr 2019 | 8:29 PM

नयी दिल्ली 23 अप्रैल (वार्ता) राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को कहा कि देश भर में महिला उत्पीड़न और प्रताड़ना की जांच के लिए गठित की गयी जांच समिति की सिफारिशों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया है और इनको लागू करने की प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है।

see more..
image