Friday, Mar 22 2019 | Time 21:49 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • राहुल ने पत्रकार के स्वास्थ्य पर चिंता प्रकट की
  • 48 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद नदीम को बोरवेल से निकाला सुरक्षित बाहर
  • मोदी को पुन: उम्मीदवार बनाने से जश्न में डूबे वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ता
  • भारत को उज्बेकिस्तान से मिली 0-3 से हार
  • भारत को उज्बेकिस्तान से मिली 0-3 से हार
  • कश्मीर में कांग्रेस नेता पर हमला, एक घायल
  • पूरी कांग्रेस दिखेगी बस में : तंवर
  • जेकेएलफ पर लगाया गया प्रतिबंध
  • शरद, मायावती के चुनाव नहीं लड़ने से राजग को फायदा : शिव सेना
  • ‘येदियुरप्पा डायरी: मूल प्रति शिवकुमार ने उपलब्ध नहीं करायी’
  • ‘समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में पाक ने नहीं की मदद’
  • देवरिया पुलिस ने व्यापारी की हत्या से परिवार के शोक को देखते हुए नहीं मनाई होली
  • चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं : शांता कुमार
  • शहीदों के लिए श्रद्धांजलि समारोह शनिवार को होगा
लोकरुचि


मैं अरुणा ईरानी जैसी बनना चाहती हुं-संगीता घोष

मैं अरुणा ईरानी जैसी बनना चाहती हुं-संगीता घोष

इंदौर 7 मार्च (वार्ता) “हम हिंदुस्तानी” नामक धारावाहिक से महज दस वर्ष की आयु में अभिनय प्रारंभ करने वाली मॉडल और अभिनेत्री संगीता घोष ने कहा कि अरुणा ईरानी के साथ काम कर उनसे अभिनय की कई बारीकियां सींखी है।

मिनी मुंबई के नाम से जाने वाला इंदौर में अपने टीवी धारावाहिक दिव्य दृष्टि को प्रमोट करने पहुँची संगीता ने अरुणा ईरानी को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानती है। उन्होंने कहा कि “देश में निकला होगा चाँद” धारावाहिक में अरुणा ईरानी के साथ काम करने के बाद मैंने तय किया कि मुझे उन्हीं की तरह ही बनना है।

‘देश में निकला होगा चाँद’ सहित एक दर्जन से अधिक टीवी धारावाहिक में काम कर चुकी संगीता आने वाले 'दिव्य दृष्टि' धारावाहिकक बारे में बताती है कि कई तरह के किरदार निभाने के बाद “दिव्य दृष्टि” में वे एक नकारात्मक किरदार में नजर आयेगी। मुख्य किरदार दिव्य और दृष्टि की कहानी वाले इस धारावाहिक में संगीता एक पिशाचिनी की भूमिका में नजर आने वाली है।

संगीता ने शो की कहानी के बारे में बताया कि नायरा बनर्जी और सना सईद द्वारा अभिनीत दिव्‍य और दृष्टि के पास अलग-अलग तरह की शक्तियां हैं, जो उन्‍हें खास बनाती हैं। हालांकि, उनकी किस्‍मत में कुछ और ही लिखा होता है और बचपन में ही दोनों बिछड़ जाती हैं।

जब शक्तियों की बात आती है तो वह उसी स्थिति में सबसे प्रबल होंगी जब दोनों साथ होंगे। इसलिये, हर पूर्णिमा की रात दोनों एक-दूसरे को ढूंढने के लिये निकलती हैं। भगवान शिव की तरह दृष्टि की तीसरी आंख है जोकि उसे भविष्‍य को देखने में मदद करती है। यह इस बात का प्रतीक है कि आगे क्‍या होने वाला है। दृष्टि को शिव भक्ति और आराधना के फल स्‍वरूप एक रौशनी नज़र आती है और वह इस सोच में पड़ जाती है कि इसका मतलब क्‍या है?

 

More News
होली पर पहले जैसी अब नही दिखती फाग की फुहारें

होली पर पहले जैसी अब नही दिखती फाग की फुहारें

20 Mar 2019 | 8:33 PM

इटावा, 20 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश के इटावा में होली का त्योहार आते ही कभी ढोलक की थाप और मंजीरों पर चारों ओर फाग गीत गुंजायमान होने लगते थे, लेकिन आधुनिकता के दौर में आज ग्रामीण क्षेत्रों की यह परम्परा लुप्त सी हो गई है ।

see more..
होली पर्व की जननी बुंदेलखंड की भूमि पर उड़ने लगा अबीर गुलाल

होली पर्व की जननी बुंदेलखंड की भूमि पर उड़ने लगा अबीर गुलाल

19 Mar 2019 | 9:53 PM

झांसी 19 मार्च (वार्ता) “ होली” रंगों का त्योहार हमारी संस्कृति से जुडा एक बेहद महत्वपूर्ण पर्व है जो पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्व के हर कोने में जहां भी भारतीय लोग हैं उनके बीच पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

see more..
वाराणसी में खेली जलती चिताओं संग ‘चिताभस्म होली’

वाराणसी में खेली जलती चिताओं संग ‘चिताभस्म होली’

18 Mar 2019 | 10:01 PM

वाराणसी, 18 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश की प्रचीन धार्मिक नगरी वाराणसी के गंगा तट पर औघड़ साधु-संतों के साथ सैकड़ों शिवभक्तों ने सोमवार को मणिकर्णिका श्मशान घाट पर जलती चिताओं के बीच धूम-धाम से ‘चिताभस्म होली’ खेली।

see more..
image