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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी Share

अंतरिक्ष में भारत ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने सराहना की

नयी दिल्ली, 15 फरवरी (वार्ता) आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन केन्द्र से आज एक साथ 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने वाले भारत ने पूरे विश्व में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है जिसकी अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जबरदस्त सराहना की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के वैज्ञानिकों ने पीएसएलवी-सी 37 से इन उपग्रहों को सुबह नौ बजकर 28 रिपीट नौ बजकर 28 मिनट पर प्रक्षेपित किया। इनमें दो कार्टोसैट -2 सीरिज के स्वदेशी उपग्रह तथा 101 विदेशी अति सूक्ष्म नैनो उपग्रह हैं और 96 उपग्रह केवल अमेरिका के हैं। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है और इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इससे पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन हुआ है और उसका गौरव बढ़ा है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अंतरिक्ष विभाग के सचिव तथा इसरो के अध्यक्ष श्री ए एस किरण कुमार को भेजे संदेश में कहा कि यह दिन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक अहम दिन के रूप में जाना जाएगा। राष्ट्र काे इस उपलब्धि पर गर्व है। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर से भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए श्री कुमार सहित इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों ,इंजीनियरों, प्रौद्योगिकीविदों और अन्य सभी सहयोगियों को बधाई देते हैं और इसरो से अनुरोध करते हैं कि वह देश की अंतरिक्ष क्षमताओं की प्रगति के लिए प्रयास जारी रखे। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि जिस बेहतरीन तरीके से 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण हुआ उसने एक बार फिर अंतरिक्ष में भारत की क्षमताओं को साबित किया है। इसके लिए इसरो के वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं।‘इसरो के भविष्य के अभियानों के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने बधाई संदेश में इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि इस उपलब्धि के लिए ‘हम अपने वैज्ञानिकों को सलाम करते हैं। आज की इस असाधारण उपलब्धि के लिए इसरों की पूरी वैज्ञानिक टीम को बधाई।’ इसरो की इस खास उपलब्धि के लिए विदेशी मीडिया ने उसकी जाेरदार सराहना की है। बीबीसी ने इसे भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और सफलता करार देते हुए कहा कि उसने कम लागत में एक विश्वसनीय विकल्प उपलब्ध कराने का गौरव हासिल कर लिया है। अमेरिकी समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी वेबसाइट पर भारत की इस शानदार सफलता पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि श्रीहरिकोटा में सफेद कोट पहने भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक उस समय तक अपनी सांसे रोक कर बैठे रहे जब तक भारत का विश्वसनीय लाल और सफेद रंग का अंतरिक्ष उपग्रह प्रक्षेपण वाहन अपनी कक्षा की तरफ बढ़ नहीे गया।


                        ब्रिटेन के अग्रणी दैनिक द गार्जियन ने इसरो अध्यक्ष किरण कुमार के हवाले से कहा कि भारत ने जो उपलब्धि आज हासिल की है वह प्रत्येक प्रक्षेपण के साथ उसकी सामर्थ्य को बढ़ाने में मदद कर रही है और यह प्रक्षेपण भविष्य में अधिक से अधिक फायदेमंद साबित होंगे। इन प्रक्षेपणों के बाद अंतरिक्ष प्रक्षेपण कार्यक्रम में भारत का स्थान सीमेंट की तरह मजबूत हो गया है और आने वाले समय में भारत की विशेषज्ञता की मांग बढ़ेगी क्योंकि भविष्य में दूर संचार सेवाओं में बढ़ोत्तरी होगी। वैैश्विक मीडिया ने वर्ष 2017-18 के बजट में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में की गयी बढ़ोत्तरी पर भी प्रतिक्रिया की है। जापान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसरो अब बृहस्पति और शुक्र ग्रह पर अभियान भेजने के विचार पर गंभीरता से विचार कर रहा है। संवाद समिति रायटर ने इस बात का जिक्र किया कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर सजग हैं और उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों के पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर कम लागत से भेजे गये सफल अभियान की बार-बार सराहना की है।

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