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भारत और साइप्रस के बीच धन शोधन समझौते से ‘स्वच्छ अर्थव्यस्था’ की उम्मीद : कोविंद

भारत और साइप्रस के बीच धन शोधन समझौते से ‘स्वच्छ अर्थव्यस्था’ की उम्मीद : कोविंद

लारनासा (साइप्रस) 03 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को उम्मीद जताते हुए कहा कि भारत और साइप्रस के बीच धन शोधन (मनी लांड्रिंग) के बारे में हुए समझौते से दीर्घ काल में स्वच्छ अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।

श्री कोविंद ने साइप्रस की प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए कहा “भारत स्वच्छ अर्थव्यवस्था का सृजन करने के लिए प्रयासरत है अौर यह घरेलू तथा वैश्विक समस्या है। इस संदर्भ में भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और साइप्रस की मनी लांड्रिंग निरोधक इकाई के बीच आज हुए समझाैते का दोनों देशों को फायदा होगा।”

उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को अंतिम रूप देने का आग्रह किया है और इस मामले में भारत को साइप्रस से समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है। .

उन्होंने कहा “हम आपके समर्थन की उम्मीद करते हैं और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में साइप्रस ने भारत की उम्मीदवारी तथा परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह के बारे में जो समर्थन दिया उसका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।।”

श्री कोविंद ने भारत सरकार के घरेलू स्तर पर किए जा रहे कुछ निश्चित उपायाें का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में विनिर्माण अौर व्यापरिक क्षमता के बारे में कर सुधारों से घरेलू बाजार को काफी फायदा हुआ है।

उन्होंने कहा “वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन से देश के सभी 29 राज्यों में एकसमान, साधारण और डिजिटल आधारित कर प्रणाली का आरंभ हुआ है और इसने पूरे देश को एक समान व्यापार तंत्र में एकीकृत कर दिया है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी तुलना यूराेपीय संघ को एक समान वित्तीय ढांचे में लाए जाने से की जा सकती है।”

जितेन्द्र, उप्रेती

जारी वार्ता

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