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करीला पहाडी मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

करीला पहाडी मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

अशोकनगर, 13 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले की करीला पहाड़ी पर रंगपंचमी के दिन लगने वाले मेले में एक दिन पहले ही आज करीब चार लाख श्रद्धालु पहुंचे, जहां उन्होंने मां जानकी के दर्शन किए। रंगपंचमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर लव-कुश के जन्म का उत्सव मनाएंगे।

सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं से भरे वाहनों की आवाजाही शुरु हो गई। इससे अशोकनगर, चंदेरी और विदिशा मार्ग पर वाहन ओवरलोड होकर चले, तो वहीं रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और ट्रेनों में पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी।

करीला ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव के मुताबिक शुक्रवार को शाम तक करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां जानकी के दर्शन किए, इसके लिए दिनभर रैलिंग श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भरी रहीं। वहीं शनिवार को रंगपंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाएगी। करीला स्थित सीता माता का मंदिर देश का ऐसा अनोखा मंदिर है जहाँ मन्नत पुरी होने पर चढ़ावे के तौर पर राई नृत्य कराया जाता है।

देश में बुंदेली लोकनृत्य राई का यह सबसे बड़ा मंच होता है, जिसमें हजारों की संख्या में राई नृत्यांगनाएं रंगपंचमी के दिन करीब 24 घंटे तक ढोल और नगाड़ों की थाप पर नाचती रहती हैं। आराधना के इस अनोखे स्वरूप के साथ ही यहाँ स्थित सीता माँ का मंदिर ही अपने आप में अनूठा है। इस मंदिर में सीता के साथ राम नहीं है, बल्कि सीता के साथ उनके बेटों लव कुश और महृषि वाल्मीकि की प्रतिमा मंदिर में स्थापित है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मेले को छह सेक्टर में बांटा गया है, प्रत्येक सेक्टर में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। साथ ही हर सेक्टर में पुलिस चौकी भी बनाई गई है। ताकि मेले पर नजर रखी जा सके। वहीं प्रशासनिक अधिकारी शुक्रवार को ही करीला पहुंच गए और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सं बघेल

वार्ता

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