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आंसुओं को बहने दो, ये तुम्हें और मजबूत बनाएंगे: सचिन

आंसुओं को बहने दो, ये तुम्हें और मजबूत बनाएंगे: सचिन

नयी दिल्ली, 20 नवंबर (वार्ता) भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि पुरूषों को अपनी भावनाआें को छिपाना नहीं चाहिये और मुश्किल पलों में यदि वे भावुक हो जाएं तो अपने आंसुओं को बहने दें जाे उन्हें और मजबूत बनाएंगे।

सचिन ने इंटरनेशनल मेन्स वीक के मौके पर सभी युवा लड़कों और पुरूषों के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने पुरूषों से मजबूत बनने के लिये भावनाओं का खुलकर इजहार करने की अपील की है।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से 16 नवंबर 2013 को संन्यास लेने वाले पूर्व क्रिकेटर के क्रिकेट को अलविदा कहे छह वर्ष हो चुके हैं। सचिन ने इस पत्र में अपनी भावनाओं का भी जिक्र किया है और लिखा,“ यह ठीक है कि पुरूष रोएं। यह संदेश इसलिये है कि अपनी भावनाएं दिखाने के बावजूद एक पुरूष की पौरूषता कम नहीं होती।”

सचिन ने लिखा कि आप जल्द ही पति, पिता, भाई, दोस्त, मेंटर और अध्यापक बनेंगे। आपको उदाहरण तय करने होंगे। आपको मजबूत और साहसी बनना होगा। लेकिन अापके जीवन में ऐसे पल आएंगे जब आपको डर, संदेह और परेशानियों का अनुभव होगा। वह समय भी आएगा जब आप विफल होंगे और आपको रोने का मन करेगा।

लेकिन यकीनन ऐसे समय में आप अपने आंसुओं को रोक लेंगे और मजबूत दिखाने का प्रयास करेंगे, क्येंकि पुरूष ऐसा ही करते हैं। पुरूषों को इसी तरह बड़ा किया जाता है कि पुरूष कभी रोते नहीं। रोने से आदमी कमजोर होते हैं।

उन्होंने कहा कि वह भी इसी तरह बड़े हुये हैं, लेकिन वह गलत थे। उनके दर्द और संघर्ष ने ही उन्हें इतना मजबूत और सफल बनाया है। सचिन ने कहा कि वह अपने जीवन में कभी भी 16 नवंबर 2013 की तारीख को भूल नहीं सकते हैं। उनके लिये उस दिन अाखिरी बार पवेलियन लौटना बहुत मुश्किल थे और दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। उनका गला रूंध गया था लेकिन फिर अचानक उनके आंसू दुनिया के सामने बह निकले और हैरानी की बात है कि उसके बाद वह शांति महसूस करने लगे थे।

भारतीय क्रिकेट की सबसे सफल शख्सियत सचिन ने कहा कि रोने और आंसू दिखाने में काेई शर्म नहीं है यह आपके जीवन का हिस्सा है और इससे आप मजबूत बनते हैं।

प्रीति राज

वार्ता

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