Sunday, Jul 12 2020 | Time 19:12 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • जमैका की फ्रेजर प्राइस ने 11 सेकंड में लगाया 100 मी का फर्राटा
  • जौनपुर में 49 और कोरोना पॉजिटिव,संख्या हुई 750
  • कोरोना के खिलाफ जंग में हम अच्छे मुकाम पर खड़े हैं : शाह
  • उप्र के प्रमुख नगरों का आज का तापमान इस प्रकार रहा
  • कर्नाटक पीयूसी के नतीजे 18 जुलाई को
  • फर्रूखाबाद में आठ और कोरोना संक्रमित मिले,संख्या 253 हुई
  • अमेरिका में कोरोना मामले 32 47 लाख के पार, रिकवरी दर महज 30 फीसदी
  • टीआरएस की हिन्दू विरोधी ताकतों ने किया हमला : संजय कुमार
  • कोश्यारी पूरी तरह स्वस्थ, मीडिया पर चल रही अफवाहों का किया खंडन
  • डॉ हर्षवर्धन ने मानवाधिकार मुद्दे के रूप में परिवार नियोजन पर जोर दिया
  • उप्र में कोरोना के मद्देनजर जारी एडवाइजरी का उल्लंघन,24,05,523 का चालान
  • कपिल देव और मुरली कार्तिक ने चैरिटी गोल्फ में लिया हिस्सा
  • कपिल देव और मुरली कार्तिक ने चैरिटी गोल्फ में लिया हिस्सा
  • संभल में बढ़ा कोरोना संक्रमण 38 और मिले पॉजिटिव,संख्या हुई 520
  • ओडिशा के मलकानगिरी में दो माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
राज्य


नंदनकानन प्राणि उद्यान में श्वेत बाघ की मौत

नंदनकानन प्राणि उद्यान में श्वेत बाघ की मौत

भुवनेश्वर, 16 अक्टूबर (वार्ता) ओडिशा के नंदनकानन प्राणि उद्यान में मंगलवार को श्वेत बाघ सुभ्रांशु की रक्त संबंधी प्रोटोजोआ रोग के कारण मौत हो गयी।

चिड़ियाघर के उप निदेशक जयंत कुमार दास ने बताया कि सुभ्रांशु बाघ की रक्त प्रोटोजोआ बीमारी से मौत होने की आशंका जतायी गयी है। बुधवार को हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से पता चला कि इस बीमारी से बाघ के यकृत और आंत में रक्त स्राव हो गया था जिसके कारण रक्त के आंतरिक हिस्सों में फैल जाने से शरीर को नुकसान हुआ था।

उन्हाेंने कहा कि प्रयोगशाला में पोस्टमार्टम के दौरान इकट्ठे किये गये नमूनों से इस बीमारी की पहचान हुई है। सुभ्रांशु नामक यह बाघ चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण था।

उन्होंने कहा कि मृत बाघ के अंगों के नमूने रोग की पुष्टि के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली और चेन्नई भेजे जाएंगे। इसके साथ ही इसे सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ, ओयूएटी, भुवनेश्वर में सुरक्षित रखा जायेगा।

इस बीच, चिड़ियाघर प्राधिकरण ने बाघ के बाड़े की सफाई करनी शुरू कर दी है। बाड़े की दीवार 10 फुट ऊंची दीवार पर दोनों ओर स्प्रे किया जा रहा है।

श्री दास ने कहा कि टिक बीमारी के उन्मूलन के वैकल्पिक उपचार के लिए पैथोलॉजिस्टों से परामर्श करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

सुभ्रांशु की मौत के बाद चिड़ियाघर में लगातार शेरों और बाघ के रक्त के नमूनों की जांच की जा रही है। सुभ्रांशु की मौत से अब चिड़ियाघर में बाघों की संख्या 25 रह गयी है जिसमें से 12 नर और 13 मादा हैं।

उप्रेती.श्रवण

वार्ता

image