Friday, Jun 14 2024 | Time 13:43 Hrs(IST)
image
राज्य » पंजाब / हरियाणा / हिमाचल


महाराष्ट्र कर्मियों,उप्र के बिजलीकर्मियों के समर्थन में सोमवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

महाराष्ट्र कर्मियों,उप्र के बिजलीकर्मियों के समर्थन में सोमवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

चंडीगढ़ 19 मार्च (वार्ता) महाराष्ट्र के सरकारी कर्मचारियों और उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में सोमवार यानी 20 मार्च को सरकारी कर्मचारी देशभर में प्रदर्शन करेंगे।

यह जानकारी ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव ए.श्री कुमार ने आज यहां जारी बयान में दी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के 17 लाख राज्य एवं जिला परिषदों के कर्मचारी एवं टीचर पुरानी पेंशन बहाली, रेगुलराइजेशन, खाली पड़े लाखों पदों को भरने, निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर 14 मार्च से हड़ताल पर हैं। वहीं महाराष्ट्र सरकार मांगों पर गंभीरता के साथ बातचीत तक करने को तैयार नहीं है। सरकार ने हड़ताल को वापस करवाने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है, जिस पर 23 मार्च को सुनवाई होगी।

फेडरेशन पदाधिकारियों के अनुसार दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर अनपरा और ओबरा की दो नई 800 मेगावाट उत्पादन इकाइयों और संबंधित पारेषण संपत्तियों के निजीकरण करने के प्रयासों के खिलाफ व ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाली आदि मांगों को लेकर 16 मार्च से हड़ताल पर हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी पिछले साल नवंबर से निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और तीन दिसंबर को ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशनज लिमिटेड और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच लिखित समझौता हुआ था। लिखित समझौते में निजीकरण की शुरू की गई पूरी मुहिम को बन्द करने का वादा किया गया था लेकिन अब सरकार लिखित समझौते को भी लागू करने से पीछे हट गई है। जिसके कारण बिजलीकर्मियों ने 16 मार्च से हड़ताल शुरू की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्यनाथ योगी सरकार लिखित समझौते को लागू करने की बजाय हड़ताली कर्मचारियों के दमन पर उतर आई है। ऊर्जा मंत्री ने हड़ताली कर्मचारियों पर रासुका व एस्मा जैसे काले कानूनों प्रयोग करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। हड़ताल से शामिल करीब डेढ़ हजार ठेका कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर निलंबित किया जा रहा है। इतना ही नहीं हड़ताली बिजली कर्मचारी नेताओं को कल्पना से परे परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। जिसको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सोमवार को सभी राज्यों में कर्मचारी दमनकारी हथकंडों के सड़कों पर उतरेंगे और हड़ताल के साथ एकजुटता प्रकट करेंगे।

महेश.विजय.संजय

वार्ता

image