Wednesday, Jun 19 2019 | Time 18:15 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • बंगलादेश के खिलाफ वापसी कर सकते हैं स्टोयनिस
  • कैप्टन सरकार नशे को काबू करने में बुरी तरह विफल : चीमा
  • वाई वी सुब्बा रेड्डी तिरुपति देवस्थानम के नये अध्यक्ष
  • मध्य नाइजीरिया में बंदूकधारी ने चार लोगों की हत्या की
  • ढाणी दादूपुर बना हरियाणा का पहला पशुधन जोखिम मुक्त गांव
  • कुशीनगर में तस्कर गिरफ्तार, 350 पेटी शराब बरामद
  • बिहार में पांच चिकित्सा टीमें भेजेगा केन्द्र
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति जागरूकता के लिए एविस की पहल
  • शिखर बाहर, पंत अंदर, भुवी पर अभी फैसला नहीं
  • शिखर बाहर, पंत अंदर, भुवी पर अभी फैसला नहीं
  • मुरसी के पोस्टमार्टम की मांग पर मिस्र ने जतायी नाराजगी
  • किरण राव की आठ साल बाद निर्देशक के रुप में वापसी: फेसबुक इंडिया से मिलाया हाथ
  • अगले स्थापना दिवस पर होगा शिवसेना का मुख्यमंत्री!
  • मंगोलिया में घर में आग लगने से छह लोगों की मौत
  • ओडिशा में शहीद के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता
दुनिया


नाटो सहयोगियाें को अमेरिका की झिड़की

नाटो सहयोगियाें को अमेरिका की झिड़की

वाशिंगटन, 10 जुलाई(रायटर) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते ब्रसेल्स में यूराेपीय देशों के नेताओं की बैठक से ठीक पहले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन(नाटो) के सदस्य देशों को अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष और इस संगठन के लिए पर्याप्त मात्रा में याेगदान नहीं देने के लिए झिड़की लगाई है।

नाटो शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने से पहले उन्होनें कल शाम कहा कि सदस्य देश इस संगठन के लिए उचित मात्रा में योगदान नहीं कर रहे हैं और अमेरिका के साथ उनकी व्यापार नीतियां भी दाेषपूर्ण है।

उन्हाेंने एक टवीट् करते हुए कहा“ किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका नाटो पर अधिक धनराशि खर्च कर रहा है और यह उचित नहीं है तथा किसी भी सूरत में स्वीकार्य भी नहीं है। जब से मैनें कार्यकाल संभाला है तो इन देशों की तरफ से किए जाने वाले याेगदान का अंश बढ़ा है लेकिन उन्हें इसे और बढ़ाना चाहिए”

उन्होंने एक अन्य टवीट् में यह भी कहा कि अमेरिका के साथ यूराेपीय देश का अधिशेष व्यापार है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई है।

गौरतलब हैं कि वह नाटो के शुरू से ही आलोचक रहे हैं और 2016 में अपने चुनाव प्रचार के दाैरान उन्होंने इस संगठन के बारे में काफी बातें कही थी। उनका मानना है कि इस संगठन के रक्षा इंतजामाों पर अमेरिका अधिक धनराशि खर्च कर रहा है जो एक तरह से उस पर बोझ है।

इस समय अमेरिका नाटो के सत्तर प्रतिशत खर्च का वहन कर रहा है और अन्य नाटो सदस्य देशों ने 2024 तक हर साल अपने सकल घरेलू उत्पाद की दाे प्रतिशत धनराशि देने का फैसला लिया है। लेकिन स्पेन और जर्मनी की तरफ से एेसा कोई कदम नहीं दिखता है।

जितेन्द्र

रायटर

image