Saturday, Jul 11 2020 | Time 13:53 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • पार्सल विशेष ट्रेनों से आय 23 43 करोड़ रुपये
  • गुलदार के हमले में महिला की मौत
  • कोरोना संक्रमितों को आइटोलिजुमैब दवा देने पर डीसीजीआई की मंजूरी
  • देश में कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत: गिरिराज
  • दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या 13,373 हुई
  • जयपुर में बनी छिद्रपूण फेंफडे के रोग गाइडलाइन्स का अमेरिका और एशिया पैसिफिक चेस्ट सोसायटी द्वारा समर्थन
  • जर्मनी में कोरोना के 378 नए मामलों की पुष्टि, कुल संख्या 198,556 हुई
  • दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली सरकार के अधीन कॉलेजों की सभी परीक्षाएं रद्द: सिसोदिया
  • कोरोना के 2 82 लाख से अधिक नमूनों की जांच
  • स्मार्ट सिटी परियोजना को स्थानीय स्थापत्य शैली से जोड़ने की जरूरत: वेंकैया
  • देश में कुल 1,180 कोरोना टेस्ट लैब
  • रोहतास में वाहनों की टक्कर में एक की मौत, दो घायल
  • पुणे, पिंपड़ी तथा चिंचवड़ में 13 जुलाई से 10 दिन का लॉकडाउन
  • औरंगाबाद में कोराना संक्रमितों की संख्या 8000 के पार
  • निर्धारित समय से चार वर्ष पहले पूरा हुआ बाघों की संख्या दोगुना करने का लक्ष्य: जावडेकर
राज्य » बिहार / झारखण्ड


मिथिला विवि के अभिषद एवं अधिषद सदस्यों ने राज्यपाल को दिया धन्यवाद

दरभंगा, 17 अक्टूबर (वार्ता) बिहार के राज्यपाल सचिवालय की ओर से पत्र जारी कर विश्वविद्यालय मुख्यालय, स्नातकोत्तर विभाग एवं महाविद्यालयों आदि में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रोन्नति के लिए पदों का रोस्टर क्लीयरेंस संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त से कराने एवं बिना राज्य सरकार के स्वीकृति के नियुक्ति की कार्रवाई नहीं करने एवं नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पहले पूर्ण प्रतिवेदन से राज्यपाल सचिवालय को अवगत कराने के निर्देश का स्वागत अभिषद एवं अधिषद सदस्यों ने किया है।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के अभिषद सदस्य प्रोफेसर हरि नारायण सिंह ने राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव विजय कुमार के हस्ताक्षर से बुधवार को जारी पत्र के लिए राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इससे विश्वविद्यालयों में अवैध नियुक्तियों पर रोक लगेगी और संचालन व्यवस्था में सुधार होगा। इसके अलावा प्रोन्नति प्राप्त करने वाले, अनुकम्पा पर बहाल होनेवाले एवं आउटसोर्स पर नियुक्त कर्मियों को लाभ मिलेगा और व्यवस्था पारदर्शी होगी।

गौरतलब है कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में बिना रोस्टर क्लियर किए 800 कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया बिना राज्य सरकार की अनुमति एवं राजभवन की स्वीकृति के शुरू किए जाने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग अभिषद सदस्य प्रोफेसर हरिनारायण सिंह, डॉक्टर बैद्यनाथ चौधरी बैजू, मीना झा एवं अधिषद सदस्य चंदन कुमार ने 25 सितंबर 2019 को बिहार के राज्यपाल, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्त विभाग के बड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया था।
सं.सतीश
वार्ता
image