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बिहार में आरक्षण की नई व्यवस्था से संबंधित विधेयकों को राज्यपाल ने दी मंजूरी

पटना 17 नवम्बर (वार्ता) बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य की सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जातियों (एससी), जनजातियों (एसटी), अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) तथा अति पिछड़े (ईबीसी) वर्गों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाने से संबंधित विधेयकों को मंजूरी दे दी ।
राजभवन सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आते ही राज्यपाल श्री आर्लेकर ने बिहार में एससी-एसटी, ईबीसी और ओबीसी के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाने से संबंधित बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियाें में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) (संशोधन) विधेयक, 2023 और बिहार (शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में) आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 पर हस्ताक्षर कर दिया । राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद सामान्य प्रशासन विभाग इसको लेकर गजट प्रकाशित करेगा। गजट प्रकाशित होते ही बिहार में आरक्षण की नई व्यवस्था लागू हो जाएगी ।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 09 नवंबर को नौकरी और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 पेश किया था, जिसे दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से पारित किया । इसमें आरक्षण का दायरा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रावधान है। नए प्रावधान के बाद अनुसूचित जाति को 20 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 2 प्रतिशत, अति पिछड़ी जाति को 25 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग को 18 प्रतिशत आरक्षण मिल सकेगा। वहीं सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए पहले की तरह ही 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।
शिवा सूरज
वार्ता
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25 Feb 2024 | 8:20 PM

पटना 25 फरवरी (वार्ता) बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को कहा कि जिस उत्तरप्रदेश ने कांग्रेस को पंडित जवाहर लाल नेहरू से राजीव गांधी तक चार प्रधानमंत्री दिये, उस प्रदेश में वह आज अपने बल पर एक भी सीट जीतने लायक नहीं रही और मात्र 17 संसदीय सीटों के लिए उसे समाजवादी जनता पार्टी (सपा) से समझौता करना पड़ रहा है।

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