Thursday, Nov 15 2018 | Time 20:18 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • तेलंगाना में टिकट बंटवारे से नाराज कांगेस नेता ने छोड़ी पार्टी
  • रोडवेज कर्मचारियों का ओवर टाइम खत्म करने का आदेश
  • कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में हिमपात की चेतावनी
  • हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी गिरफ्तार
  • एम्बुलेंस और कार की टक्कर में एक महिला की मौत
  • महिलाओं को दुपहिया वाहन चलाने और तकनीकी प्रशिक्षण को लेकर समझौता
  • स्पेश्यलिटी केमिकल्स कंपनी लैंक्सेस का भारत में 1250 करोड़ रुपये के निवेश की योजना
  • स्पेश्यलिटी केमिकल्स कंपनी लैंक्सेस का भारत में 1250 करोड़ रुपये के निवेश की योजना
  • लालकुआं में पति ने सरेबाजार पत्नी को चाकू मारा, फरार
  • जदयू की विधायक मंजू वर्मा पार्टी से निलंबित
  • सऊदी अरब ने पत्रकार हत्या मामले में शहजादे को दी क्लीन चिट
  • अक्टूबर में निर्यात करीब 18 फीसदी बढ़ा
  • हुड्डा की मुश्किलें बढ़ीं, नेशनल हेराल्ड मामले में चलेगा मुकदमा
  • अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को सौंपा पुलिस अधिकारी डावर का शव
बिजनेस Share

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा कि प्राधिकरण अपने सभी हवाई अड्डों पर कार्गो के लिए जरूरी बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एएआई देश भर में सवा सौ से ज्यादा हवाई अड्डों का संचालन करता है।
स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि यात्री विमानों की ‘बेली’ का उपयोग करते हुये इस समय कंपनी की मालवाहन क्षमता 15 हजार टन मासिक है जो चार मालवाहक विमानों के शामिल होने के साथ इस साल के अंत तक बढ़कर 27 हजार टन हो जायेगी। यदि स्पाइस एक्सप्रेस का प्रयोग सफल रहा तो कंपनी अगले साल पाँच-छह और मालवाहक विमान लीज पर लेगी। इससे उसकी क्षमता 40 हजार से 50 हजार टन मासिक के बीच हो जायेगी। कंपनी की योजना अगले कुछ वर्षों में अपनी मालवाहन क्षमता बढ़ाकर करीब एक लाख टन करने की है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में कंपनी दवाओं, मानव अंगों, जीवित जानवरों तथा पक्षियों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों और जल्द खराब होने वाले महँगे कृषि उत्पादों की ढुलाई का लक्ष्य लेकर चल रही है। कार्गो सेवा के लिए संभावित सेक्टरों में पहले दिल्ली, बेंगलुरु, गुवाहाटी और अमृतसर को लक्ष्य किया जा रहा है। जल्द ही हांगकांग और काबुल के लिए भी माल परिवहन सेवा शुरू की जायेगी।
अभी देश में सिर्फ पाँच मालवाहन विमान परिचालन में हैं जो निजी कुरियर कंपनी के पास हैं।
श्री सिंह ने कहा कि कंपनी के कुल राजस्व में यात्री परिवहन से इतर कारोबार की हिस्सेदारी अभी 17 प्रतिशत के करीब है जो इस साल के अंत तक बढ़कर 25 प्रतिशत पर पहुँचने की उम्मीद है।
अजीत/शेखर
वार्ता
image