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सिंधु नदी बेसिन में आठ छोटी पनबिजली परियोजनाओं को मंजूरी

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (वार्ता) केंद्र ने सिंधु नदी बेसिन में आठ लघु पनबिजली परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
इनमें से सात केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख और एक केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में है। जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टूडू ने राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि लद्दाख की सात परियोजनाएं केवल पनबिजली उत्पादन के लिए हैं। इनमें सिंचाई सुविधा का कोई पहलू नहीं है।
जम्मू्-कश्मीर क्षेत्र में स्थापित होने वाली 10.50 मेगावाट की रतन नाग परियोजना में सिंचाई सुविधाएं सृजित करने का भी प्रावधान होगा। इससे किश्तवाड़ जिले में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
लद्दाख क्षेत्र में स्वीकृत दुर्बाकशियोक पनबिजी परियोजना की क्षमता 19.00 मेगावाट होगी। इस पर 272.03 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसका काम 30 महीने में पूरा किया जाना है। इसी तरह सांकू परियोजना की क्षमता 18.50 मे.वा., अनुमानित लागत व 260.41 करोड़ रुपये और अनुमानित निर्माण अवधि 30 माह है। निम्मू चिल्लिंग परियोजना की क्षमता 24.00 मे.वा. लागत व 522.53 करोड़ रुपये और निर्माण अवधि 54 माह अनुमानित है। रोंगडा परियोजना (12 मे.वा.) 123.70 करोड़ रुपये में लगेगी और इसे 48 माह में पूरा करने का लक्ष्य है।
उसी क्षेत्र में मांगदुम सांगरा परियोजना 19.00 मे.वा. क्षमता की है और इसे 254.16 करोड़ रुपये की लागत से 30 महीने में पूरा किया जाना है। इसी तरह कारगिल हुंदेरमान परियाजना की क्षमता 25.00 मेगावाट होगी और इस पर 489.30 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसे 36 महीनों में पूरा किया जना है। इसी तरह 12 मे.वा. की तमशा परियोजना 48 माह में पूरी की जाएगी और इस पर 147.89 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
जम्मू-कश्मीर में सिंचाई क्षमता वाली रतन नाग तापबिजली परियोजना से 10.50 मे.वा. बिजली प्राप्त होगी। इसे 315.73 करोड़ रुपये से 48 माह में पूरा किया जाना है।
मनोहर.संजय
वार्ता
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